कस्बे में बाजार बंद होने का मंडराने लगा खतरा
नूरपुर। कस्बे में कोरोना के दो नए केस मिलने के बाद दो महीने के बाद खुले बाजार पर बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार को कस्बे का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। वहीं मोहल्ला हजरतनगर और मोहम्मदनगर को प्रशासन द्वारा पूरी रह से सील कर दिया गया है। कोरोना पॉजिटिव दोनों व्यक्तियों को मुरादाबाद कोविड 19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके 10 परिजनों को चांदपुर में क्वारंटीन किया गया है।
बृहस्पतिवार को नूरपुर के मोहल्ला हजरतनगर और मोहल्ला मोहम्मदनगर निवासी दो व्यक्तियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर प्रशासन ने रात में ही दोनों को मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया था। दोनों व्यक्ति 24 मई को मुंबई से आए थे और उसी समय नूरपुर सीएचसी में क्वारंटीन थे। पुलिस ने रात में ही दोनों मोहल्लों के रास्तों पर अवरोधक लगाकर उन्हें सील कर दिया था। दोनों संक्रमितों के परिवार के 10 लोगों को क्वारंटीन कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। उधर, नूरपुर में एक साथ दो व्यक्तियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद शुक्रवार को बाजार पूरी तरह से बंद रहा। व्यापारियों में दुकानें बंद होने से मायूसी है। व्यापारी संदीप जोशी, तसलीम अहमद, रवींद्र सिंह आदि का कहना है कि लॉकडाउन में करीब दो महीने दुकानें बंद रहीं थीं, जिससे व्यापार चौपट हो गया है। व्यापारियों ने थाने पहुंचे एसडीएम और सीओ से मुलाकात कर बाजार खुलवाने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि जिन मोहल्लों में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, प्रशासन उन्हें ही सील करे बाकी बाजार खुलने दे। एसडीएम ने उन्हें मांगे माने जाने का आश्वासन दिया।