नांगलसोती/नजीबाबाद। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में सैकड़ों बीघा गन्ने और चारे की फसल जलमग्न हो गई। पशु के लिए चारे की समस्या को लेकर किसान चिंतित हैं। लालपुर सोजिमल और गौसपुर में काटन नहीं होने से किसानों ने राहत की सांस ली।
पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा नदी से खादर क्षेत्र में नांगल, जीतपुर, शहजादपुर, सरायआलम, सौफतपुर, गौसपुर के किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने और चारे की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों वीरेंद्र सिंह, राजीव कुमार, धर्मेंद्र, प्रमोद कुमार का कहना है कि पिछले कई दिनों से गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे उनके खेतों में नदी का पानी पहुंच रहा है। गंगा नदी का कई फीट पानी उनके खेतों में चल रहा है, जिससे किसानों की गन्ने और चारे की फसल बर्बाद हो गई है।
उधर, लालपुर सोजिमल और गौसपुर में गंगा नदी से कृषि भूमि का कटान नहीं हुआ। इससे किसानों की राहत की सांस ली। फिलहाल गंगा का तेज बहाव रेलवे द्वारा बनाए तटबंध की दिशा में चल रहा है।
n कटान सुरक्षा कार्य में जुटा रेलवे : नांगलसोती। लालपुर सोजिमल क्षेत्र में गंगा की धारा रेलवे द्वारा बनाए गए तटबंध की ओर मुड़ गई है। फिलहाल खेतों की ओर रहा कटान रुक गया है। उधर, रेलवे द्वारा रेल लाइन को बचाने के लिए कटान सुरक्षा कार्य तेजी से करा रहा है। जेसीबी के माध्यम से कटान क्षेत्र में लगातार स्लीपर व पत्थर के तटबंध बनाए जा रहे हैं। साथ ही कई जगहों पर रेत और मिट्टी से कट्टे लगाकर स्टड भी बनाए गए हैं।
n 12 साल पहले तीन किलोमीटर दूर बहती थी गंगा : केदारनाथ की आपदा से पहले गंगा नदी गौसपुर से करीब तीन किलोमीटर दूर बहती थी। ग्रामीण भूपेंद्र सिंह, विपिन कुमार सहित अन्य ग्रामीण बताते हैं कि 12 सालों से गंगा नदी ने लगातार गांव की ओर कटान करती रही, जिससे गौसपुर सहित आस-पास के किसानों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि का कटान हुआ। गंगा का कटान गांव तक पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारी नींद से जागे और वर्ष 2023 में तटबंध बनने से गांव की ओर बढ़ता कटान थम गया।
नांगलसोती-गंगा नदी से खादर क्षेत्र में जलमग्न फसलें।