लकड़ी के संदूक को 135 साल बाद भी नहीं लगी दीमक
कोषागार अफसरों के मुताबिक यह संदूक आज भी एकदम सुरक्षित है। यह करीब 135 साल पुराना होगा, लेकिन यह आज भी जस का तस है। अभी तक इसके किसी भी कोने में दीमक का असर तक नहीं देखने को मिला है। वहीं कोषागार में रखी इस धरोहर की देखरेख को भी कर्मचारी समय-समय पर निगरानी करते रहते हैं, ताकि किसी धरोहर को नुकसान न पहुंचे।
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कोषागार में रखी धरोहर की होती है देखरेख : डीएम
जिला कोषागार में खजाना लाने-जाने में इस्तेमाल होने वाला संदूक हो या अन्य धरोहर, सभी को सुरक्षित तरीके से रखा गया है। यह कोषागार की अमानत हैं। इन्हें कोई नुकसान न हो, समय-समय पर इसकी देख-रेख होती है।
- उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर