बिजनौर। कांवड़ यात्रा चल रही है, वहीं गुलदार के हमलों का खतरा भी बढ़ गया है। दो दिन में चांदपुर और नहटौर दो जगहों पर गुलदार कांवड़ियों पर झपट्टा मार चुका है। वहीं नजीबाबाद तहसील के गांव रायपुर खास नहर पटरी कांवड़ यात्रा मार्ग क्षेत्र से एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। ऐसे में शनिवार को कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन पुलिस और प्रशासन ने चौकसी और बढ़ा दी है।
नांगल के रायपुर खास नहर पटरी से पकड़ा गया गुलदार
नांगल सोती। तहसील के गांव रायपुर खास नहर पटरी कांवड़ यात्रा मार्ग क्षेत्र से एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गुलदार को अपने कब्जे में ले लिया। बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के राजगढ़ रेंज के अंतर्गत आने वाले नांगल सोती के गांव रायपुर खास की नहर पटरी मार्ग पर वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। शुक्रवार को तड़के क्षेत्र से गुजर रहे लोगों ने पिंजरे में कैद गुलदार हुए को देखकर वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही राजगढ़ के रेंजर देव ऋषि सक्सेना, वन दरोगा शुभम कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पिंजरे को अपने कब्जे में लेकर राजगढ़ वन रेंज ले गए। संयोग से जिस नहर पटरी पर गुलदार पकड़ा गया उसके विपरीत की नहर पटरी पर कांवड़ यात्रा चल रही थी।
भक्ति मार्ग पर गुलदार का आतंक...बाल कांवड़िये पर मारा झपट्टा
दो दिन पूर्व भी जंगली जानवर ने किया था कांवड़िये पर हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
नहटौर। कांवड़ मार्ग पर गुलदार का खौफ फैला हुआ है। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे जनपद अमरोहा के गांव दढियाल खादर निवासी बाल कांवड़िये अनिकेत (8) पुत्र दिपेंद्र पर गुलदार ने झपट्टा मारकर घायल कर दिया। दो दिन पहले भी जंगली जानवर ने एक कांवड़िये पर हमला किया था।
अनिकेश हरिद्वार से कांवड़ लेकर जत्थे के साथ लौट रहा था। गांव सीकरी बुजुर्ग के पास बाग से निकलकर अचानक गुलदार ने उस पर झपट्टा मार दिया। साथी कांवड़ियों के शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। सूचना पर हलका इंचार्ज संयम यादव मौके पर पहुंचे और घायल बालक को सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले गए। इससे पहले बुधवार रात करीब आठ बजे इसी स्थान पर जनपद अलीगढ़ के गांव नंगलिया बीजना निवासी कांवड़िये सोनू (32) पुत्र भोली पर भी जंगली जानवर (कथित रूप से गुलदार) ने हमला कर घायल कर दिया था। अंधेरा होने के कारण कांवड़िये जंगली जानवर को सही से देख नहीं पाए थे। सीएचसी में उपचार के बाद उसे भी घर भेज दिया गया था। वहीं घटना के बाद वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया गया है। डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह ने बताया कि मौके पर पिंजरा लगवाकर लगतार निगरानी कराई जा रही है। रूट पर गश्त भी बढ़ाई गई है।
अंधेरी डगर और गुलदार का आतंक
नहटौर। कोतवाली रोड इन दिनों कांवड़ियों के लिए खौफ की डगर बनती जा रही है। एक ओर मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव है, दूसरी ओर गुलदार की सक्रियता ने खतरा और बढ़ा दिया है। तड़के और देर रात गुजरने वाले कांवड़ियों को घने अंधेरे में सफर करना पड़ रहा है। गांव सीकरी बुजुर्ग के पास बाग और खेतों से सटा यह रास्ता सुनसान है। रात में यहां घना अंधेरा छा जाता है, जिससे जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। वन विभाग की ओर से कुछ स्थानों पर जागरुकता संबंधी बोर्ड जरूर लगाए गए हैं, लेकिन स्थानीय नागरिक इसे महज औपचारिकता मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था ही नहीं है तो अंधेरे में ये बोर्ड दिखाई कैसे देंगे। चेतावनी बोर्ड तभी प्रभावी होंगे, जब उन्हें देखने की सुविधा भी हो। क्षेत्रवासी विकास कुमार, धीरेंद्र सिंह, हिमांशु कुमार, गजेंद्र शर्मा आदि ने मांग की है कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था, नियमित गश्त और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की जाए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। संवाद