बिजनौर। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर हमले के आरोप में जेल में बंद तालिब बंधुओं की जमानत याचिका पर शुक्रवार को अदालत में बहस भी हुई। मगर जमानत नहीं मिल सकी। अब चार मई को जमानत पर फिर से सुनवाई होगी।
शुक्रवार को अदालत में तालिब बंधुओं की ओर से दो अधिवक्ताओं ने अपने अपने तर्क रखे। जिन्होंने अदालत से तालिब बंधुओं के कारोबारी होने और तमंचा बरामद नहीं होने की दलील पेश की। वहीं वादी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि इन पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, ऐसे में कारोबारी कहना उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत पर कोई निर्णय नहीं दिया, साथ ही अब सुनवाई की तारीख चार मई तय कर दी।
बता दें कि एक अप्रैल को चांदपुर की चुंगी पर आरा मशीन पर जांच के लिए पहुंची टीम को उक्त आरा मशीन सील लगी होने के बाद भी चलती मिली थी। इसी बीच पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे। तभी तालिब बंधु पूर्व सांसद को देखते ही आपा खो बैठे और गाली गलौज करते हुए हमला कर दिया था। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद तालिब, खालिद और आबिद को गिरफ्तार कर लिया था। दो अप्रैल से लेकर अब तक तीनों भाई जेल में बंद है।
उधर पिछले दिनों ही थाना शेरकोट में शेरकोट सहकारी आवास समिति की 25 बीघा जमीन धोखाधड़ी से हड़पने का केस दर्ज हुआ है। जमीन हड़पने के इस केस में तालिब, उनके समधि और पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया गया है। थाना शेरकोट पुलिस ने बुधवार को ही इस केस में तालिब की न्यायिक रिमांड मंजूर कराई है।