कागजों में बने नियम सड़कों पर टूट रहे
बिजनौर। कागजों पर नियम बनते हैं, जागरूक भी किया जाता है, लेकिन सड़कों पर लोग यातायात के नियमों को तोड़ रहे हैं। बिना हेलमेट बाइक सवारों को अपनी जान की परवाह भी नहीं है। जान जोखिम में डालकर लोग डग्गामार वाहनों के पीछे लटकर यात्रा करते हुए भी दिखाई पड़ते हैं। हालांकि दस माह में 53 हजार 353 चालान भी काटे गए, बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हो रहा है। चालान की संख्या भी महीने दर महीने बढ़ रही है।
सोमवार को यातायात जागरूक माह का आठवां दिन रहा। चौराहों पर पुलिस ने जागरूक करने के लिए पम्फलेट भी वितरित किए। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी जागरूक करने का प्रयास किया गया, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं। पुलिस की सख्ती के बावजूद भी वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आते। साल में काटे गए चालान इसे तस्दीक करने के लिए काफी है। इस साल अक्तूबर तक 53 हजार 353 लोगों के चालान काटे गए। जिन्होंने एक करोड़ 89 लाख 81 हजार रुपये जुर्माना भरा है। भारी भरकम रकम लोगों ने सिर्फ लापरवाही को लेकर ही भर दी। हालांकि पुलिस के पास 35 ब्रेथलाइजर (एल्कोहल टेस्ट मशीन) होने बाद भी एक भी शराबी का चालान नहीं हो पाया।
जिले में हुए 410 सड़क हादसे
दस माह के भीतर जिले में 410 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 287 लोगों की जान चली गई। इनमें 355 लोग घायल भी हुए हैं। बढ़ते हादसों के बाद भी लोग नियमों को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। कहीं हेलमेट नहीं होने की वजह से हादसे में बाइक सवार की जान चली गई, तो कहीं तेज स्पीड की वजह से।
‘हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं’ नियम हुआ काफूर
पुलिस ने पिछले माह पेट्रोल पंपों पर सख्ती कराने के इरादे से बिना हेलमेट वालों को पेट्रोल नहीं देने के लिए कवायद शुरू की थी। पेट्रोल पंप वालों ने कुछ दिन तक इसका पालन किया। अब बिना हेलमेट लगाकर आने वाले बाइक सवारों को पेट्रोल मिल रहा है। कोई बंदिश नहीं रह गई है।
अक्तूबर में चालान पर एकनजर
चालान की वजह चालान संख्या
सीट बेल्ट 550
हेलमेट 1653
तीन सवारी 170
मोबाइल 28
बिजनौर में स्कूटी पर बच्चों सहित जाते पांच लोग।- फोटो : BIJNOR