बिजनौर/हल्दौर। मैडम, बस में फर्स्ट एड बॉक्स है क्या, बैंडेज चाहिए। यह सुनकर महिला परिचालक बोली, भैया ये क्या होता है। दरअसल, यह प्रकरण संवाददाता के साथ शुक्रवार को बिजनौर डिपो पर पड़ताल के दौरान हुआ। इससे रोडवेज बसों में प्राथमिक उपचार की पोल खुल गई। फर्स्ट एड बॉक्स खाली थी।
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजकर 20 मिनट पर टीम बिजनौर डिपो पहुंची। टीम के सदस्य यहां से धामपुर जाने वाली बिजनौर डिपो की यूपीसीटी2364 नंबर की बस में बैठ गए। इस दौरान संवाददाता ने महिला परिचालक से कहा कि उसकी हाथ की उंगली में चोट लग गई है। बैंडेज चाहिए, फर्स्ट एड बॉक्स में होगी। यह सुन महिला परिचालक बोली, फर्स्ट एड बॉक्स क्या होता है। मैडम, बस में जिस सफेद डिब्बे पर प्लस का चिह्न बना हुआ है, वह फर्स्ट एड बॉक्स है। इसके बाद महिला परिचालक ने प्राथमिक उपचार के लिए डिब्बा खोला लेकिन वह खाली था। इसके बाद बिजनौर बस स्टैंड से बैठकर कृष्णा कॉलेज तक बस में बैठकर सफर किया। हालांकि, बस में अग्निशमन यंत्र भी रखा मिला। साथ ही बस की स्थिति भी ठीक नजर आई। रास्ते में बस रोककर चालक ने यात्रियों को बिठाया।
उधर, दूसरे संवाददाता ने पैजनिया से हल्दौर तक यूपी78डीएन8882 नंबर की रोडवेज बस में सफर किया। इसमें भी फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था। संवाददाता ने बस में परिचालक से कहा कि, उंगली में चोट लग गई है और जी मिचला रहा है, कोई दवाई है क्या? इस पर परिचालक ने कहा कि बस में कोई फर्स्ट एड बॉक्स और दवाई नहीं है। आपको बाहर से ही दवाई लेनी पड़ेगी।
फर्स्ट एड बॉक्स में होनी चाहिए ये दवाइयां
रोडवेज बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स प्राथमिक उपचार के लिए दवाई होनी जरूरी हैं। इसमें एंटीसेप्टिक क्रीम, दर्द निवारक गोलियां, बैंडेज, जालीदार पट्टी, कैंची, रूई, दर्द और बुखार, पेट दर्द/गैस, उल्टी के लिए और दस्त रोकने की दवा होनी आवश्यक है। ताकि, दुर्घटना के दौरान यात्री के खून बहने को रोकने और शुरुआती राहत देने में मदद की जा सके।
आखिर कौन हैं जिम्मेदार
डिपो से संचालित होने वाली रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन होना जरूरी है। निगम की बसों में इसकी उपलब्धता की जिम्मेदारी निगम के अधिकारियों की है। जबकि, अनुबंधित बसों में वाहन स्वामी की जिम्मेदारी है। लेकिन परिवहन निगम अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सभी परिचालकों को दो महीने पहले ही फर्स्ट एड किट दिलाई गई थी। रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स में दवाई होना जरूरी है। मामले की जांच कराने पर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। ....अशोक कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, बिजनौर