बिजनौर। फोरलेन के निर्माणाधीन अंडरपास के स्लैब गिरने की वजह क्या रही, यह जांच के बाद ही साफ होगा। अब इस निर्माण में लगी कंक्रीट और सरिया की गुणवत्ता आईआईटी रुड़की में परखी जाएगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने आईआईटी के ब्रिज एक्सपर्ट से संपर्क साधा है। जांच के शुल्क आदि की जानकारी भी ली जा रही है।
फिलहाल लोक निर्माण विभाग खंड बिजनौर में कंक्रीट और सरिया का नमूना रखा हुआ है। विभाग ने इसका आईआईटी रुड़की में जांच कराया जाना तय किया है। बता दें कि मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। बिजनौर-बैराज मार्ग पर फोरलेन के अंडरपास का स्लैब छह दिन पहले डालने के कुछ घंटों बाद ही गिर गया था। एनएचएआई अपने स्तर से भी जांच में लगा। नेशनल हाईवे के दिल्ली मुख्यालय से बाकायदा जांच टीम का गठन किया गया।
इसके अलावा बिजनौर डीएम ने एनएचएआई से इतर अपने स्तर से जांच कराने के आदेश लोक निर्माण विभाग को दिए थे। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग ने स्लैब में इस्तेमाल कंक्रीट और सरिया का नमूना लिया। जिसकी गुणवत्ता की जांच के लिए लैब में भेजा जाना है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इन्हें जांच के लिए तब भेजा जाएगा जब निर्माण करने वाली कंपनी या ठेकेदार की ओर से ड्राफ्ट मिल जाएगा। यानि जांच में आने वाला खर्च भी ठेकेदार को ही वहन करना है।
कंक्रीट और सरिया का नमूना सुरक्षित रखा हुआ है। इनकी जांच आईआईटी रुड़की में कराई जाएगी। जिसके लिए संपर्क साधा गया है, शुल्क आदि के बारे में भी प्रपत्र मंगाए गए हैं।
....हेमंत प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि