फजलगढ़ की बाहरी बस्ती में मौजूद कुत्तों का झुंड। संवाद
अफजलगढ। अलग-अलग जगहों पर कुत्तों ने छह और लोगों को काटकर घायल कर दिया। कालागढ़ निवासी सोनाक्षी, अल्हैपुर निवासी शानू, लड्डूवाला निवासी अरहान हैदर, जिकरीवाला निवासी अभिषेक, अफजलगढ़ निवासी फैजान, मधपुरी निवासी पदारथ सिंह को कुत्तों ने काटकर जख्मी कर दिया। सभी ने सीएचसी में अपना उपचार कराया। कुत्तों के खौफ से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुजुर्गाें को कुत्ते उन पर हमला बोल देते हैं। गांव रसूलपुर, सुआवाला मकसूदाबाद, मच्छमार भागीजोत, रफैतपुर, रेहड़, दहलावाला आदि कई गांवों में बड़ी संख्या में कुत्तों के झुंड सड़कों पर घूमते रहते हैं। लोगों ने कुत्तों के खौफ से निजात दिलाने की मांग की है।
एसडीएम धामपुर रितु रानी का कहना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।
पांच माह में 1100 से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने काटा
अफजलगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में जनवरी 2025 से अब तक 1140 लोगों को कुत्तों ने काटा है। यह संख्या तो उनकी है जिन्होंने क्षेत्र की सीएचसी और पीएचसी में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग दूसरे अस्पतालों में भी उपचार कराते हैं। सीएचसी अधीक्षक सर्वेश निराला ने बताया कि जनवरी से छह जून तक 485 लोगों को एंटी रैबीज लगाए गए हैं। पीएचसी प्रभारी कासमपुर गढ़ी खालिद अख्तर ने बताया कि इस अवधि में 655 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। दोनों चिकित्सकों ने बताया कि कुत्ते के काटने पर जख्म को 15 मिनट तक साफ पानी से धोएं। नजदीकी सीएचसी या पीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन जरूर लगवाएं।
छह माह पहले एक और बालिका बनी थी शिकार
कुत्तों के झुंड ने करीब छह माह पहले 27 दिसंबर 2024 में ग्राम रसूलपुर आबाद में फायजा पुत्री अफसर पर कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। घायल बालिका नाले में गिर गई थी। उसकी मौत हो गई थी।