जलीलपुर के गांव रायपुर खादर मे घुसा पानी फोटो स्रोत ग्रामीण
जलीलपुर। इस बरसात के सीजन में चौथी बार गांव रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी में गंगा का पानी आने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सड़कों पर पानी भरने से आठ गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। वहीं, बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर आवागमन भी फिर से बंद हो गया है।
गंगा का जलस्तर चार दिनों से बढ़ रहा है। रविवार को फसलों में चार फीट तक पानी भरा है। गांव रायपुर खादर और मीरापुर की आबादी में पानी भर गया है। दोनों गांवों के रास्तों पर अधिक पानी होने के कारण कार व बाइक से आवागमन बंद है। ग्रामीण ट्रैक्टर से आवागमन कर रहे हैं। बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट गंगा की धारा बहने से वाहनों का आवागमन बंद है। हस्तिनापुर, मेरठ, दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालक लौट गए। गांव दत्तियाना, सुजातपुर खादर, सियाली, मुजफ्फरपुर खादर, कुमरिया, जमालुदीनपुर का खेड़ा आदि के आवागमन के रास्ते पर पांडवनगर पुलिस चौकी और गांव नारनौर के बीच सड़क पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बाइक लादकर पानी को पार कर रहे हैं। एसडीएम चांदपुर प्रशांत वर्मा ने बताया कि बरसात के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जलस्तर बढ़ा है। स्थिति पर नजर बनी हुई हैं।
गो-संरक्षण केंद्र में जलभराव से पशु बेहाल
अफजलगढ़/कादराबाद। अगवानपुर स्थित वृहद गो-संरक्षण केंद्र में दो फीट से अधिक भर गया है। गोशाला में संरक्षित गोवंश दूषित पानी में खड़े रहने को मजबूर हैं। कमजोर पशुओं को गोशाला कर्मी पानी से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। करीब पांच वर्ष पूर्व गोशाला का निर्माण हुआ था। इसमें करीब 600 पशु संरक्षित हैं। अधिकारियों के बार-बार निरीक्षण के बावजूद जलभराव की समस्या का हल नहीं हो सका। अधिक समय तक पानी भरे रहने पर कमजोर व छोटे पशु दम तोड़ देते हैं। वहीं गोशाला में दबाए गए गोवंशों के शव भी मिट्टी बहने पर बाहर झांकने लगते हैं। उठती दुर्गंध के समीप बस्ती वालों का जीना दुश्वार हो जाता है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी नवीन कुमार का कहना है कि टीम भेजकर मौके का निरीक्षण कराकर शीघ्र ही समस्या का निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा। संवाद