बिजनौर। मोहनपुर आरक्षित वन ब्लॉक में गंगा की जमीन पर लोगों ने काफी सालों से कब्जा कर रखा था। गंगा की जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए अभियान चलाया गया। सोमवार को टीम ने कार्रवाई करते हुए 600 बीघा जमीन कब्जामुक्त कराई। अभी बची हुई जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है।
मोहनपुर आरक्षित वन ब्लॉक में अतिक्रमण हटाने के लिए बंदोबस्त विभाग, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम गठित की गई। टोटल स्टेशन मशीन से जमीन का सर्वे किया जा रहा है। इस मशीन के जरिए पिलर नंबर 54 को सीमा स्तंभ तीन गांव के तिगडा पर स्थापित किया गया। लोगों ने साल 1926 से गंगा की 150 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर रखा था। इसमें से 50 हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। अभी फिलहाल 100 हेक्टेयर जमीन से कब्जा हटाने का काम चल रहा है। इस जमीन पर लोगों ने गन्ना बो रखा है। सर्वे पूरा होने के बाद जल्द ही सभी जमीन कब्जामुक्त कराई जाएगी। सर्वे में रेंजर महेश चंद गौतम, नायब तहसीलदार सर्वे चंद्र प्रकाश शर्मा, राम लोचन, वन दरोगा रुचित चौधरी, वन रक्षक संजय राणा, अनिल कुमार, विपिन कुमार, सर्वे लेखपाल प्रिंस कुमार आदि मौजूद रहे।
- 56 साल पहले भी हुई था सर्वे
रेंजर महेश चंद्र गौतम ने बताया कि 56 साल पहले जमीन का सर्वे हुआ था। वन विभाग की टीम ने साल 1968 में आखिरी बार गंगा की जमीन का सर्वे किया था। इसके बाद अब साल 2024 में सर्वे कर गंगा की जमीन कब्जामुक्त कराई जा रही है।
- वर्जन :
गंगा की जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए सर्वे चल रहा है। जो जमीन कब्जामुक्त कराई जाएगी, वहां पौधे लगाएंगे। यहां अलग-अलग पौधे का एक जंगल विकसित किया जाएगा। इससे पर्यावरण को भी बढ़ावा मिलेगा। - ज्ञान सिंह, डीएफओ, बिजनौर