नींदड़ू। विद्युत विभाग ने मीटर लगाने का प्रार्थनापत्र देने के दो वर्ष बाद विधवा के आवास पर स्मार्ट मीटर लगाया। मीटर लगने के अगले ही दिन 47 हजार रुपये से अधिक का बिल देखकर महिला के पैरों तले से जमीन निकल गई। वहीं राष्ट्रीय किसान यूनियन ने गांवों में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया।
शनिवार को राकियू के तहसील अध्यक्ष नवेद अरशद उर्फ शबलू कई उपभोक्ताओं के साथ बिजलीघर पहुंचे तथा प्रभारी अवर अभियंता उमेश अग्रवाल को बताया कि नींदड़ू खास से सटी ग्राम पंचायत बाजीदपुर-बीरू में बुंदू मलिक की विधवा का आवास है। उसने 28 मार्च 2024 में बिजली विभाग को प्रार्थनापत्र देकर अपने आवास पर मीटर लगाने की मांग की थी लेकिन दो साल बाद 27 मार्च 2026 को उसके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया। विधवा ने छह अगस्त 2025 को 2900 रुपये का बिजली का बिल जमा किया था। स्मार्ट मीटर लगने के अगले दिन बिजलीघर में बिल की बाबत पता करने पर मालूम पड़ा कि उसका 10 महीने का बिल 47,896 रुपये है।
शबलू के मुताबिक अंथाई शेख में एक व्यक्ति ने 14 फरवरी 2026 को बिल जमा किया। मार्च का 1680 रुपये बिल वह घर में शादी के चलते दो-तीन दिन बाद जमा करना चाहता था लेकिन विभाग की ओर से उसका कनेक्शन काट दिया गया। नींदड़ू खास के अय्यूब कुरैशी ने बिल जमा नहीं करने के चलते एक महीने में चार बार कनेक्शन काटने का आरोप लगाया है। एक अन्य महिला के 18 हजार रुपये का बिल जमा करने के बावजूद उसका कनेक्शन काट दिया गया। उन्होंने कहा है कि नींदड़ू क्षेत्र के गांवों में किसी भी स्थिति में स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे।