नहटौर में नगर पालिका द्वारा पकड़े गए आवारा कुत्ते।
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नहटौर में प्रदेश में अवैध कमेलों और मीट की अवैध दुकानों पर सख्ती से रोक के बाद अवशेष न मिलने से परेशान कुत्तों के खतरनाक हो जाने की ओर अमर उजाला ने ध्यान आकृष्ट कराया तो प्रशासन ने इससे निपटने की कवायद शुरू कर दी है। कुत्तों के हमले में एक युवक की मौत के बाद रविवार को नगर पालिका ने अभियान चलाकर दो दर्जन कुत्तों को पकड़ा।
गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन दिनों कुत्ते बच्चों और महिलाओं के लिए खतरा बन गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मीट की अवैध दुकानों और अवैध कमेलों से मिलने वाले अवशेष खाने की इन्हें लत लग चुकी है। कुछ दिन से ये न मिलने के कारण कुत्ते लोगों पर हमला कर उन्हें नोच रहे हैं। अमर उजाला ने इसकी ओर पहले ही प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था। 15 अप्रैल के अंक में इस संबध में विशेष खबर प्रकाशित की गई थी। इसमें बताया गया था कि लोगों के लिए ये कभी भी गंभीर खतरा बन सकते हैं।
अमर उजाला की आशंका सच साबित हुई और बिजनौर में लावारिस कुत्तों ने तड़के एक मानसिक दिव्यांग युवक को शिकार बना डाला। इसके बाद प्रशासन को हालात की गंभीरता का अहसास हुआ और लावारिस कुत्तों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया।