बिजनौर। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अश्व प्रजाति पशुओं में एक्वाइन इन्फ्लुएंजा (अश्व प्रजाति में होने वाला इन्फेक्शन) के केस मिलने पर उत्तराखंड बॉर्डर पर अश्व प्रजाति के पशुओं की आवाजाही रोकी जाएगी। यदि चार धाम यात्रा के लिए कोई अश्वों को ले जा रहा है तो उसे जाते और आते समय एनआरसीई हिसार की एक्वाइड इन्फ्लुएंजा निगेटिव जांच रिपोर्ट दिखानी होगी। साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से अनुमति भी लेनी होगी।
डीएम जसजीत कौर ने बताया कि इस बीमारी की जनपद में रोकथाम के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जनपद के आसपास के क्षेत्रों एवं उत्तराखंड राज्य के बॉर्डर एरिया पर अश्व प्रजाति के पशुओं के आवागमन को प्रतिबंधित और नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि चार धाम यात्रा के लिए जाने वाले अश्व प्रजाति के पशुओं की नेगेटिव जांच रिपोर्ट होना अनिवार्य है।
उन्होंने जिले के अधिकारियों से इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने को कहा है। एक्वाइन इन्फ्लुएंजा अश्व प्रजाति के पशुओं में लगने वाली एक बीमारी है। इससे पशु के सांस, फेफड़े आदि प्रभावित हाेते हैं। एक दूसरे के संपर्क में आने यह बीमारी फैलने लगती है।