बिजनौर। मेडिकल अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में फुलसंदा निवासी सरफराज की मौत हो गई थी। अब यह मामला विधानसभा तक पहुंच गया है। विधानसभा सत्र के दौरान नगीना विधायक मनोज पारस ने डायलिसिस के दौरान युवक की मौत को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मेडिकल अस्पताल प्रशासन से डायलिसिस के दौरान युवक की मौत के मामले में जवाब मांगा है।
सीडीओ ने अव्यवस्थाओं की शिकायत पर 13 जून को मेडिकल अस्पताल में छापा मारा। यहां अव्यवस्था का अंबार मिला। डायलिसिस यूनिट पीपीपी मोड पर संजीवनी एस्केग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी संचालित कर रही है। डायलिसिस के बीच में बिजली चली गई थी। इस दौरान जनरेटर में भी डीजल नहीं था। इस वजह से युवक सरफराज की डायलिसिस बीच में ही रुक गई थी। ऐसे में युवक ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। संवाद