शाहनवाज की हत्या का मास्टरमाइंड पकड़ से दूर
बिजनौर। पुलिस सीजेएम कोर्ट में 15 दिन पूर्व कुख्यात बदमाश शाहनवाज की हत्या के मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पाई है। इस मामले में पुलिस पूरी तरह खामोश है। पुलिस ने हत्या के दौरान तीन शूटरों को मौके से दबोचा था। इसके बाद से पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है।
17 दिसंबर को बिजनौर के सीजेएम कोर्ट में नजीबाबद के प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान की दूूसरी पत्नी के बेटे साहिल ने अपने साथी शामली जिले के गांव लिलोन निवासी सुमित व किरतुपर निवासी अबराज के साथ मिलकर शाहनवाज की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। मौके से शाहनवाज का साथी जब्बार भाग गया था। उसे बाद में स्योहारा पुलिस ने दबोच लिया। शाहनवाज अपने साथी जब्बार के साथ पेशी पर आया था। पुलिस ने तीनों शूटरों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था। 28 मई को नजीबाबाद में प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या का बदला लेने के लिए शाहनवाज की हत्या की गई थी। दोनों की हत्या कुख्यात बदमाश शाहनवाज ने अपने साथी जब्बार व दानिश से कराई थी। इस घटना के बाद से जजी में सनसनी फैल गई थी।
शाहनवाज की हत्या कराने के पीछे किसका हाथ है और ये हत्या किसने कराई है। पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है। घटना के रोज से कई बडे़ लोगों पर शाहनवाज की हत्या कराने का शक था। लेकिन खुलकर कोई नाम नहीं ले रहा था। हालांकि की अहसान के बेटे साहिल ने हत्या की अपने ऊपर जिम्मेदारी ली थी। कहा था कि उसने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ ये हत्या की है। शाहनवाज की हत्या के बाद नजीबाबाद में गैंगवार शुरू होने की आशंका है। पुलिस शाहनवाज की हत्या के सूत्रधार तक नहीं पहुंच पाई है। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। शहर कोतवाल रमेश चंद शर्मा के मुताबिक शाहनवाज की हत्या की विवेचना चल रही है। विवेचना के दौरान जो नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।