8:05 मिनट पर रहेगा संक्रांति का पुण्यकाल
बिजनौर। ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। सूर्य देवता दोपहर दो बजकर 29 मिनट पर शनि की मकर राशि में प्रवेश करेंगे। संक्रांति का पुण्य काल सुबह आठ बजकर पांच मिनट पर मनाया जाएगा।
धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के पंडित ललित शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति से पूर्व सूर्य उत्तरायण होंगे। उत्तरायण देवताओं का दिन और दक्षिणायन देवताओं की रात्रि है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में उत्तरायण का विशेष महत्व बताया है। माना जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर पर जाते हैं। शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। पंडित ललित शर्मा के अनुसार मकर संक्रांति से विवाह आदि मंगल कार्य शुरू हो जाएंगे। संक्रांति स्नान और दान-पुण्य का पर्व है। इस दिन गंगा व अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन तीर्थों पर स्नानदानादि का भी विशेष माहात्म्य रहता है। अगर तीर्थ स्थान पर न जा सकें तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर श्रद्घापूर्वक स्नान करना चाहिए। सूर्य देव को अर्घ्य व लाल फूल अर्पित करने चाहिए और सूर्य के बीज मंत्र ऊं घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। खिचड़ी, तेल, गुड़ आदि का दान करना चाहिए।