बिजनौर जिले में बनाए जा रहे फोरलेन मार्गों पर हरियाली ही हरियाली होगी। इन सड़कों के बीच में फूलों व कम ऊंचाई तक बढ़ने वाले पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क किनारे बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। जिले में फोरलेन सड़कों के किनारे लाखों पौधे लगाए जा सकेंगे।
जिले में फोरलेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। बिजनौर-नूरपुर-मुरादाबाद, काशीपुर-देहरादून मार्ग का काम काफी स्तर तक पूरा हो चुका है। इसके अलावा मेरठ से हरिद्वार तक फोरलेन सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है। कई जगह पर सड़कों को चौड़ा करने के लिए पेड़ भी काटे गए हैं। अब इन काटे गए पेड़ों की भरपाई बड़े स्तर पर की जाएगी। फोरलेन सड़कों के बीच में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। सड़क बनाने वाली एजेंसी ही पौधारोपण करेगी। इन चौड़ी सड़कों को छायादार बनाने के लिए अब बड़ा अभियान चलाया जाएगा। सड़क किनारे पौधारोपण करने के लिए गांव वालों को भी जोड़ा जाएगा। गांव वालों को सड़क किनारे लगाए गए पौधों की सिंचाई की जिम्मेदारी दी जाएगी। सड़कों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। इस वजह से सड़क किनारे कुछ हिस्से में ही इस साल पौधारोपण होगा। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के मुताबिक पौधारोपण करना सभी का दायित्व है। इस बार बरसात शुरू होने पर सभी परिवार कम से कम एक पौधा जरूर लगाकर उसका संरक्षण करे। वन विभाग जिलेवासियों को पौधारोपण अभियान से जोड़ने की पूरी कोशिश कर रहा है।
आयोजित होंगे वृक्ष भंडारे
वन विभाग नागरिकों को सीधे जोड़ने के लिए वन विभाग वृक्ष भंडारे भी कराएगा। जिलेवासियों को पौधारोपण अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा जो संस्थाएं या बड़ी कंपनी पौधारोपण नहीं कर सकती हैं, उनसे दान में पौधे लिए जाएंगे। एनसीसी या स्काउट के सदस्यों से ये पौधे लगवाए जाएंगे। अब कई जगह पर बच्चों के जन्मदिन पर पौधारोपण करने के मामले सामने आ रहे हैं। परिवार के बच्चों के जन्मदिन पर लगाया गया एक-एक पौधा बड़ा होकर उन्हें ग्लोबल वॉर्मिंग से बचाने में अहम हथियार बनेगा।
इसलिए जरूरी हैं पेड़-पौधे
एक व्यक्ति द्वारा कार-बाइक चलाने, एसी, फ्रिज आदि का प्रयोग करने तथा अन्य कारणों से पर्यावरण प्रदूषण किया जाता है। मनुष्य द्वारा कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन आदि का उत्सर्जन होता है। एक व्यक्ति अपने 60 साल तक के जीवन में जितना पर्यावरण प्रदूषित करता है उसे एक पेड़ 30 साल की आयु तक खत्म कर देता है।