बिजनौर वन प्रभाग और वन गुर्जरों के बीच पशु चारा परमिट निरस्त करने को लेकर विधायक की सलाह पर बुलाई गई वार्ता विफल हो गई। वन गुर्जरों ने वन विभाग पर कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि उपस्थिति पंजिका पर संबंधित वन गुर्जरों ने हस्ताक्षर नहीं किए।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के डीएफओ अखिलेश चंद मिश्र ने वन संपदा के दोहन, शिकारियों को संरक्षण देने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए वन प्रभाग के 70 गुर्जरों के पशु चारा परमिट निरस्त कर दिए थे। जिससे वन गुर्जरों के सामने पशुओं को चारा उपलब्ध कराने तथा जंगल क्षेत्र से बेदखली समस्या उत्पन्न हो गई है। विधायक हाजी तसलीम अहमद ने वन गुर्जरों के आग्रह पर पर डीएफओ से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने को कहा था। वन विभाग की ओर से जाफराबाद गेस्ट हाउस में मंगलवार को डीएफओ ने विधायक के निर्देश पर वन गुर्जरों को वार्ता के लिए बुलाया। उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद डीएफओ और पांचों रेंज से आए वन अधिकारी उठकर चले गए। वन गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष शमशेर पोसवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष शमशाद हुसैन, मो. रफी, गुलाम मुस्तफा, आलम, नबी बख्श, आलमगीर, फिरोजदीन आदि का आरोप है कि वन विभाग उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया और वन अधिकारी वार्ता शुरू होने से पूर्व उठकर चले गए।
वन विभाग और गुर्जरों के बीच वार्ता विफल होने के बाद वन गुर्जरों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम उमेश कुमार मिश्र को ज्ञापन सौंपा। वन गुर्जरों का आरोप था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट आदेश है कि वन गुर्जरों के उनके पुनर्वास किए जाने तक वन क्षेत्रों से बेदखल न किया जाए। इसके बावजूद डीएफओ ने तानाशाही पूर्ण कार्रवाई के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर उनके पशु चारा परमिट निरस्त कर दिए हैं और उन्हें अब वन क्षेत्र से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है। एसडीएम ने संबंधित प्रकरण में वन विभाग से जानकारी मांगी है।
बाहरी वन गुर्जरों को रोका गया : डीएफओ
डीएफओ अखिलेश चंद मिश्र का कहना है कि वन गुर्जर वार्ता में बाहरी क्षेत्र के वन गुर्जरों और नेताओं को लेकर वार्ता के लिए आए थे। विभाग ने उन वन गुर्जरों को वार्ता के लिए बुलाया था जिनके परमिट निरस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल उपस्थिति पंजिका पर परमिट से जुड़े वन गुर्जरों को हस्ताक्षर कर वार्ता में बैठने की बात कही गई, जिससे वन गुर्जर भड़क गए और वार्ता छोड़कर चले गए।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मिलेंगे वन गुर्जर
नजीबाबाद। वन गुर्जर महासभा के अध्यक्ष शमीम हुसैन ने बताया कि जिलाध्यक्ष शमशेर पोसवाल के नेतृत्व में वन गुर्जरों का 20 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और वन मंत्री से मिलने इसी सप्ताह रवाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुखिया को न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने और वन गुर्जरों का उत्पीड़न करने की कार्रवाई से अवगत कराएगा।