फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: कार्बेट पार्क के जंगलों से निकला हाथी मचा रहा उत्पात

विज्ञापन
विज्ञापन
अफजलगढ़/धामपुर (बिजनौर)। गांव हबीबवाला में युवक मुर्सलीन को मौत के घाट उतारने वाला हाथी तीन दिन पूर्व कार्बेट रिजर्व टाइगर रेंज से निकला था। वन विभाग के अधिकारी लगातार इसकी निगरानी कर रहे है। बताया कि पहले इसने कालागढ़ और गांव चौहड़वाला में उत्पात मचाया। इसके बाद रास्ता भटक कर शिवपुरी व मीरपुर घासी से होता हुआ अफजलगढ़ पहुंचा और फिर हबीबवाला में।
विज्ञापन



धामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गोविंद राम गंगवार का कहना है कि यह हाथी कालागढ़ वाला ही है। जो अफजलगढ़ से होता हुआ धामपुर में पहुंचा है। हाथी के पीछे विभागीय स्टाफ लगा था। तीन दिन पूर्व कार्बेट टाइगर रिजर्व रेंज से निकले इस हाथी हाथी ने कालागढ़ में कई दीवारों को तोड़कर क्षति पहुंचाई थी। इसके बाद हाथी मीरापुर की ओर से होता हुआ गांव चौहड़वाला पहुंचा।
हाथी ने मीरापुर में कई राहगीरों को दौड़ाया। यहां से गांव चौहड़वाला पहुंच कर उत्पात मचाया। स्टोन क्रशर में जा घुसा। वन विभाग की टीम हाथी को जंगल में खदेड़ने का प्रयास करती रही। मगर, वह मंगलवार की शाम तक स्टोन क्रशर में ही डटा रहा। रात में एक बजे हाथी स्टोन क्रशर से निकलकर शिवपुरी तथा मीरपुर घासी से निकलता हुआ अफजलगढ़ आ पहुंचा। अनेक स्थानों पर खेतों में हाथी के पांवों के निशान नजर आए।
विज्ञापन

बुधवार को हबीबवाला के खेतों में नजर आया, जहां युवक मुर्सलीन की जान ले ली। अफजलगढ़ से हबीबवाला की दूरी करीब 25-30 किलोमीटर है। इसलिए रात-रात में इतनी दूरी हाथी के लिए ज्यादा नहीं है।



प्रतिदिन 120 किमी की दूरी तय कर लेता है हाथी
सेवानिवृत्त वन अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि रास्ते में खाते पीते हाथी विश्राम करता हुआ प्रतिदिन लगातार 120 किलोमीटर की दूरी आसानी से तय कर सकता है। यह अपनी मस्ती में चलता रहता है।









पांच लाख रुपये मिलेगा मुआवजा
डीएफओ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि हाथी के हमले में मरे व्यक्ति को पांच लाख रुपये तक का मुआवजे का प्रावधान है। उत्तर प्रदेश में तात्कालिक सहायता नहीं दी जाती है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें