बिजनौर। शनिवार को भी जिले में कहीं तकनीकी कमी तो कहीं ओवरलोड के कारण बिजली संकट बरकरार रहा। ओवरलोड के कारण नेशनल ग्रिड की मटौर लाइन भी तीन घंटे बंद रही तो वहीं मुरादाबाद से भी कई घंटे की अतिरिक्त कटौती की। इसके अलावा सुबह के समय बिजनौर के 132 केवीए बिजलीघर में ट्रांसफार्मर की सीटी फटने से कई घंटे के लिए आपूर्ति ठप रही।
बिजनौर जिले को नहटौर के 220 केवीए ट्रांसमिशन बिजलीघर से बिजली सप्लाई होती है। नहटौर बिजलीघर पर मुरादाबाद एवं मेरठ की मटौर लाइन से बिजली आपूर्ति होती है। मुरादाबाद अकेले बिजनौर जिले का लोड नहीं झेल सकता है। ऐसे में मटौर और मुरादाबाद दोनों ही लाइनों से नहटौर बिजलीघर को बिजली आपूर्ति की जाती है।
शनिवार की सुबह दस बजे मटौर लाइन से नहटौर को बिजली सप्लाई बिना किसी सूचना के बंद कर दी। मटौर लाइन में नेशनल ग्रिड से बिजली आपूर्ति होती है।
सूत्रों के अनुसार ओवरलोड के कारण मटौर लाइन कट की। उधर, मुरादाबाद ग्रिड पर ओवरलोड होने के कारण लाइन से भी नहटौर को नाममात्र की आपूर्ति हुई। दिनभर बिजली संकट को लेकर उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा रहा। खास बात ये है शनिवार को लोकल स्तर पर भी कई फाल्ट हुए।
बिजनौर के 132 बिजलीघर पर एक ट्रांसफार्मर से जुड़ी सीटी फटने से सुबह तड़के से ही आपूर्ति ठप हो गई, जो दिन दुपहर बात तक लड़खड़ाई रही। इससे देहात और शहरी क्षेत्रों में सुबह से ही बिजली गुल हो गई। बिजली संकट बढ़ने से उद्योग लड़खड़ा गए और पेयजल का संकट भी बना रहा।
ट्रांसमिशन बिजलीघर के एक्सईएन अखिल महरोत्रा के अनुसार मटौर लाइन से तीन घंटे बिजली बंद रही। मुरादाबाद में ओवरलोड होने के कारण कटौती की। इसके अलावा लोकल स्तर पर भी बिजलीघर में तकनीकी कमी आ गई। मटौर लाइन सुबह दस बजे से सायं तीन बजे तक बंद रही। लाइन चालू होने के कारण जिले के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति की।
ट्रांसफार्मर खराब, 200 परिवार अंधेरे में बैठे
पैजनिया। पैजनिया गांव का ट्रांसफार्मर खराब होने से करीब 200 परिवार अंधेरे में हैं। ग्रामीण एसडीओ विद्युत से मिलने शनिवार को हल्दौर पहुंचे, मगर एसडीओ ने उनकी बात नहीं सुनी।
गांव में 100-100 केवी के दो ट्रांसफार्मर रखे हैं। एक ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है और दूसरे का एक फेस काम नहीं कर रहा है। सुबह संजय त्यागी के साथ ग्रामीण एसडीओ से मिलने हल्दौर आए।
आरोप है कि एस्टीमेट पास करने में ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा हैं। बिजली नहीं आने से आटा चक्की, चारा काटने की मशीन नहीं चल रही हैं। अधिकारी ग्रामीणों की बात नहीं सुन रहे हैं। बाद में गांव में पंचायत हुई जिसमें सुनील कुमार, प्रमोद, गुरुप्रीत, सुरेंद्र आदि ने प्रकरण की जांच के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने का प्रस्ताव रखा।
वहीं, एसडीओ गौरव पाल का कहना है कि एक ट्रांसफार्मर खराब होने पर ग्रामीण दूसरे ट्रांसफार्मर की लाइन पर कटवे डाल लेते हैं। इस कारण ओवरलोड हो जाता है। इसका पता लगाने के लिए टीम बना दी गई है।