अफजलगढ़। नगर स्थित विद्युत उपसंस्थान का कंट्रोल रूम भवन क्षतिग्रस्त और जर्जर हालत में है। थोड़ी सी वर्षा होते ही भवन की छत टपकने लगती है। कंट्रोल रूम में पानी टपकने से विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती है। यहां कार्य कर रहे विद्युत कर्मियों को करंट लगने की आशंका बनी रहती है।
नगर स्थित विद्युत उपसंस्थान का पूरा भवन करीब 55 से 60 वर्ष पुराना है। कंट्रोल रूम में बिजली की मशीनें रखी हैं, जहां से शटडाउन और विद्युत आपूर्ति होती है। छत से पानी टपकने पर पॉलिथीन बांधकर और बाल्टी-डब्बे रखकर काम चलाया जा रहा है। पानी भरने से करंट फैलने की संभावना रहती है। पानी भरने से नगर और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली कई-कई घंटे बाधित रहती है। बिजलीघर परिसर में अन्य भवन भी जर्जर हालत में हैं। परिसर में पानी भरने से कीचड़ हो जाता है, जिससे निकलना मुश्किल हो जाता है। कीचड़ के कारण बिल जमा करने और अन्य कार्यों से आने वाले उपभोक्ताओं के फिसलने का भय बना रहता है। शुक्रवार की सुबह और रात से हो रही तेज वर्षा के कारण कंट्रोल रूम की छत टपकने लगी।
बिजली आपूर्ति रात 12 बजे से बाधित रही, जिससे लोगों के इन्वर्टर और बैटरियां तक ठप पड़ गए। वर्षा रुकने पर ही विद्युत आपूर्ति सुचारू हो सकी। करीब रात 12 बजे से शाम चार बजे तक बिजली बाधित रही। इस दौरान मात्र एक-दो घंटे ही बिजली मिल पाई। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को गर्मी और उमस के बीच रात गुजारनी पड़ी।
सहायक अभियंता ऋषिकांत ने बताया कि भवन की स्थिति के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। वर्तमान में राज मिस्त्री बुलवाकर लीकेज रुकवाने का प्रयास किया जा रहा है।