नगीना। वर्षों से बंद पड़ी कताई मिल की आराजी पर कृषि विश्वविद्यालय खोलने की मांग अब जोर पकड़ रही है। करीब एक दर्जन से अधिक संगठनों के पदाधिकारियों ने इस मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय को दिया।
नगीना-कोतवाली मार्ग पर करीब ढाई दशकों से बंद पड़ी सहकारी कताई मिल की करीब 260 बीघा जमीन खाली पड़ी है। इस खाली पड़ी आराजी पर कृषि विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर शनिवार की दोपहर करीब एक दर्जन से अधिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी व उनके कार्यकर्ता ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष डॉ. संदीप शर्मा के नेतृत्व में गांधी मूर्ति तिराहे पर एकत्र हुए तथा जुलूस की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम की अनुपस्थिति में उनके पेशकार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि नगीना में विधानसभा तथा लोकसभा सीट है। रोजगार के नाम पर यहां के लोग मुख्य तौर पर कृषि पर आधारित हैं। करीब 25 वर्ष पूर्व सहकारी कताई मिल के बंद होने से यहां काम करने वाले लोग बेरोजगार हो गए थे।
ज्ञापन में कहा गया कि इस भूमि को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने की तैयारी हो रही है, जिससे कुछ व्यक्तियों को ही इसका फायदा पहुंचेगा। कताई मिल की आराजी पर कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण हो जाने से नगीना ही नहीं पूरा जिले व पश्चिम उत्तर प्रदेश के लगभग 15 जिलों व उत्तराखंड के लगभग पांच जिलों के लोगों व कृषि विज्ञान में भविष्य बनाने वाले छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ होगा। ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष डॉ. संदीप शर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन के समय भाजपा की तरफ से पूर्व विधायक सतीश कुमार गौतम व रोहित कुमार रवि, भगवान नरसिंह सेवा समिति की तरफ से अनंत जैन, क्षत्रिय सभा की तरफ से सुधीर राणा, श्री अग्रवाल सभा की तरफ से अध्यक्ष शीतल अग्रवाल, वैश्य लोहिया सभा की तरफ से अध्यक्ष विशाल गुप्ता, बिश्नोई सभा की तरफ से राजकुमार बिश्नोई, अखिल भारतीय प्रधान संगठन की तरफ से दीपक कुमार, आंबेडकर स्मारक समिति की तरफ से राजकुमार सिंह, कस्बा कोटरा की तरफ से प्रधान आफताब अंसारी आदि ने भी इस मांग के समर्थन में अपने-अपने मांग पत्र दिए। इस मौके पर डॉक्टर संदीप शर्मा, विहिप नेता प्रदीप गर्ग, बजरंग दल से राहुल सैनी, सभासद गोपाल शर्मा, तिलक राज, शुभम गुप्ता, अभिषेक अग्रवाल आदि मुख्य तौर पर मौजूद रहे।