अनुबंध खेती के अध्यादेश को बताया किसान विरोधी
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने कारपोरेट खेती के विरोध में कारपोरेट भगाओ, किसान बचाओ अभियान शुरू किया है। इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुमार को दिया है।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने बताया कि अनुबंध खेती का अध्यादेश अलोकतांत्रिक व किसान विरोधी है। इससे फसल के दाम घट जाएंगे और बीज सुरक्षा समाप्त हो जाएगी। ये अध्यादेश जमाखोरी व कालाबाजारी को बढ़ावा देगा। कहा कि किसानों को एक देश एक मार्केट नहीं, बल्कि एक देश एक समर्थन मूल्य चाहिए। लाभकारी मूल्य हर किसान का कानूनी अधिकार बनना चाहिए। हर फसल की लागत से डेढ़ गुना मूल्य किसान को मिलना चाहिए। कोरोना काल में किसान को हुए नुकसान को देखते हुए साल 2020 के बिजली के बिल माफ होने चाहिए। डीबीटी योजना पर अमल नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति को राशन में पूरा खाना और परिवारों को अतिरिक्त नगद समर्थन मिलना चाहिए। साथ ही ज्ञापन में डीजल के दाम आधे करने, किसानों का शत प्रतिशत कर्ज माफ करने, बिजली की दर कम करने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा, अंकुर चौधरी, गौरव कुमार, मनीष, राजपाल भगत, गोविंदा, नरेंद्र, पारूल, विनीत आदि मौजूद रहे।