बिजनौर। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सीएमओ को उनके ही दफ्तर में कैद कर दिया। फार्मेसिस्ट उनके दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने फार्मेसिस्टों को तीन दिन में समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया, तक जाकर धरना समाप्त हुआ।
फार्मेसिस्ट एक सप्ताह से मांगों को लेकर दो घंटे कार्य बहिष्कार करते चले आ रहे हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को जिले भर के फार्मेसिस्ट जिला अस्पताल में एकत्र हुए। वहां बैठक करने के बाद सीएमओ आफिस पहुंचे। उन्होंने सीएमओ को दफ्तर के अंदर बंद कर दिया और बाहर दरी बिछाकर बैठ गए।
उन्होंने सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सूचना पर एसडीएम सदर सहदेव मिश्रा व शहर कोतवाल अजय गौतम पहुंचे। उन्होंने फार्मेसिस्टों को समझकर शांत किया और सीएमओ को उनके दफ्तर से बाहर निकाला गया। इसके बाद एसडीएम, सीएमओ व फार्मेसिस्टों के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई।
वार्ता में सहमति बनी कि फार्मेसिस्टों के स्थायीकरण का आदेश शुक्रवार को ही जारी कर दिया जाएगा। सीएमओ ने अन्य मांगों को मौके पर ही निस्तारित करने में असमर्थता जताई। एसडीएम सदर ने आश्वासन देकर फार्मेसिस्टों से वेतन विसंगति व अन्य मांग पूरी करने के लिए तीन दिन का समय मांगा।
एसडीएम व सीएमओ ने आश्वासन दिया गया कि उनकी अन्य मांगे 22 सितंबर तक पूरी कर दी जाएगी। एसडीएम के आश्वासन पर फार्मेसिस्टों ने धरना स्थगित कर दिया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, महामंत्री संजय कुकरेती, राजेश रवि, गजेंद्र शर्मा, जेडी सकलानी, राम सिंह, मनोज कुमार आदि रहे।
कर्मचारियों को बाहर निकाल तालाबंदी की
प्रदर्शन के दौरान सीएमओ आफिस पहुंचे फार्मेसिस्टों ने सभी कर्मचारियों को उनके कक्ष से बाहर निकाल दिया। उनके कक्ष के गेट बंद कर ताला लगा दिया।
हड़ताल के बावजूद किया काम
फार्मेसिस्टों की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को हड़ताल रहे। सभी ने उपस्थिति रजिस्टर में सीएल अवकाश अंकित किया। मरीजों की भीड़ को देखते हुए फार्मेसिस्टों ने शुक्रवार को भी दोपहर 12 बजे तक दवा वितरण और इंजेक्शन लगाने काम का किया। इमरजेंसी चलती रही।