वीडियो वायरल होने के बाद हुआ व्यवस्थाओं में सुधार
बिजनौर। कोविड केयर सेंटर स्वाहेड़ी में भर्ती मरीजों द्वारा अव्यवस्थाओं के बारे में विडियो वायरल करने के बाद वहां की व्यवस्थाओं में बड़ा सुधार हुआ है। मरीजों का कहना है कि रविवार शाम से ही बैड को सैनिटाइज आदि कार्य कराने शुरू किये गए। खाने और नाश्ते में भी बहुत सुधार हुआ है।
ग्राम स्वाहेड़ी स्थित मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण केंद्र को जिला प्रशासन ने कोविड केयर सेंटर बनाया है। यहां पर जिले के विभिन्न स्थानों के कोरोना पॉजिटिव एसिंप्ट्रोमेटिक मरीज भर्ती किए जाते हैं। वहां पर भर्ती मरीजों ने बताया कि यहां के स्टाफ का ध्यान भर्ती कुछ पुलिसकर्मियों पर ही था। अन्य पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद वहां पर विधिवत रूप से सफाई ही शुरू ही नहीं हुई, अपितु वार्डों को भी अच्छी तरह से सैनिटाइज भी कराया गया। बैड की चादरें भी बदली गईं। बाथरूम और टॉयलेट की अच्छे से सफाई हुई और शाम को खाना भी ठीक ही दिया गया। उन्होंने बताया कि खाने में पांच रोटी, एक दाल, एक सब्जी दी जा रही है। मरीजों ने सीएमओ के इस दावे को गलत बताया कि दस रोटी प्रति व्यक्ति दी जा रही हैं। हल्की पांच रोटी और लगभग 50 ग्राम चावल दिए जा रहे हैं। इतना भोजन आम आादमी के लिए पर्याप्त नहीं है और मेहनतकश लोगों के लिए तो काफी कम है। सोमवार को सुबह नाश्ते में पहली बार चने दि गए हैं। सभी का कहना है कि पहले से हालत बहुत ज्यादा सुधरी है। दोपहर में भी चाय मिलने लगी है और दवाई भी बैड पर ही दी जाने लगी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने इसका सारा श्रेय मीडिया को दिया है।
उधर, वीडियो वायरल होने को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी दावा कर रहा है कि वहां पर सब कुछ ठीक है। जबकि वायरल वीडियो वायरल करने वाले हिंदू संगठन के कोरोना पॉजिटिव इस पदाधिकारी का कहना है कि कोविड केयर सेंटर मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त हो गई हैं। सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि सफाई और अन्य व्यवस्थाएं तो रोजाना ही दुरुस्त कराई जाती हैं, जिसे राजनीति करनी है, तो वह करे। मरीजों को बिस्कुट दिए ही नहीं जाते। सुबह नाश्ते में रोजाना चाय के साथ चने या फिर छोले या फिर एक सब्जी के साथ पूड़ी दी जाती हैं। वह रोजाना व्यवस्थाओं के बारे में और मरीजों का हालचाल जानने के लिए पांच-छह मरीजों से रोजाना बात करते हैं। सीएमओ ने बताया कि किसी मरीज को कोई समस्या हो तो वह उन्हें फोन पर या फिर निरीक्षण के दौरान अवगत कराए। उनकी समस्याओं का शीघ्र ही समाधान कराया जाएगा।