निगम के कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन
बिजनौर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के मार्गों को निजी हाथों में दिए जाने कड़ा विरोध किया गया। इसे लेकर निगम के कर्मचारियों ने बस अड्डा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रबंध निदेशक को संबोधित ज्ञापन एआरएम को सौंपकर सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।
सोमवार को यूपी रोडवेज एंप्लाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारी मंडलीय संयुक्त सचिव अरविंद कुमार शर्मा के नेतृत्व में रोडवेज बस स्टेशन परिसर में एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। बिजनौर डिपो के एआरएम को ज्ञापन देकर बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रांत में लगभग सात प्रतिशत मार्गों पर अपने वाहन संचालित करता है। इससे जनता को उनके गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होती है। पूरे प्रदेश में औसत से अच्छी आय अर्जित करने में कई बार प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जिससे कर्मचारी उत्साहित होकर पूरी मेहनत और लगन से अपने कार्य को अंजाम देते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा परिवहन निगम के कार्य करने की क्षमता को अस्वीकार करते हुए निगम पर कुठाराघात किया गया है। आरोप लगाया कि निजी बस ऑपरेटर से मिलकर निगम को बंद करने का कुचक्र चलाया जा रहा है। इसे यूनियन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। निगम के मार्गों पर किसी भी हालत में प्राइवेट वाहनों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। यूनियन ने मुरादाबाद डिपो के एआरएम संदीप नायक के भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर यूनियन द्वारा मुरादाबाद क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इसकी सूचना स्पीड पोस्ट और व्हाट्सएप के माध्यम से परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को भेजकर मामले की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। धरना प्रदर्शन करने वालों में मुकेश त्यागी, तिलकराम, शिव कुमार, प्रमोद कुमार, अजीज आदि शामिल रहे।