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आतंकी कनेक्शन : रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ की रच रहे थे साजिश

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बिजनौर। पहले एटीएस और अब बिजनौर पुलिस ने आतंकी कनेक्शन का भंडाफोड़ कर दिया। पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आए संदिग्ध आरोपी रेलवे के सिग्नल से छेड़खानी की साजिश रच रहे थे ताकि देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। पुलिस मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।
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नजीबाबाद और नांगल पुलिस नजीबाबाद के रहने वाले समीर उर्फ रुहान की तलाश में लगी है। हालांकि शनिवार की शाम तक उसका सुराग नहीं लग पाया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलरों के निर्देश पर बिजनौर में भी स्लीपर मॉडयूल तैयार कर लिया गया था। इसका मकसद दंगा भड़काना और हिंदुओं की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना भी था। अगर नवंबर में वीडियो वायरल नहीं होता तो शायद इसका पता लगना भी मुश्किल था।
बता दें कि इंस्टाग्राम के जरिए की गई कॉल की एक वीडियो नवंबर में वायरल हुआ था। जिसमें सऊदी अरब में रहने वाला मेरठ के गांव सठला निवासी आकिब, दक्षिण अफ्रीका में रहना वाला मैजुल निवासी सौफतपुर थाना नांगल, आजाद निवासी इनामपुरा थाना मेरठ और उवैद निवासी टांडामाईदास थाना नगीना देहात शामिल थे।
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वीडियो कॉल में आकिब ने एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया तो आतंकी कनेक्शन सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद 23 नवंबर 2025 को थाना नांगल में आकिब, मैजुल और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। हालांकि शुरुआत में पुलिस ने इस जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मगर एटीएस ने चार संदिग्धों को पकड़ने के बाद बिजनौर में वायरल होने वाले वीडियो का जिक्र किया था। जिसके बाद बिजनौर पुलिस ने फिर से जांच खोली।
जांच पड़ताल के बाद नजीबाबाद पुलिस के सहयोग से थाना नांगल ने उवैद और जलाल हैदर को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया था। इनका तीसरा साथी समीर उर्फ रुहान निवासी निकट सुल्ताना डाकू का किला नजीबाबाद की तलाश की जा रही है। इस केस में इनामपुरा निवासी आजाद, सौफतपुर निवासी मैजुल और आकिब का लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। ये तीनों आरोपी विदेश में बैठकर भारत में स्लीपर मॉडयूल तैयार करने में लगे थे।
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