स्योहारा। गोरखपुर–शामली एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर बुढ़नपुर ब्लॉक क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम धामपुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी आजीविका का एकमात्र आधार कृषि भूमि है। ऐसे में उचित मुआवजा और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
बुधवार को ग्राम गुरदासपुर, बहादुरपुर, सत्तो नंगली, दिनदारपुर, दौलताबाद, मंदौरी, कृष्णा रामपुर, सुल्तानपुर समेत कई गांवों के किसान तहसील पहुंचे। एसडीएम को दिए ज्ञापन में किसानों ने कहा कि एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर कम से कम 10 गुना निर्धारित किया जाए। साथ ही भूमि की पैमाइश, सीमांकन और अन्य सभी राजस्व संबंधी कार्रवाई संबंधित किसान की उपस्थिति में कराई जाए तथा इसकी पूर्व सूचना लिखित रूप से दी जाए।
किसानों ने कहा कि अधिग्रहित होने वाली प्रत्येक खसरा संख्या का नक्शा और पूरा विवरण किसानों को उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी भूमि को लेकर विवाद या आपत्ति हो तो उसका निस्तारण मुआवजा तय करने से पहले किया जाए, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी मांग की कि मुआवजा वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए। जिन किसानों की भूमि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बच रही है, वहां तक सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पाइपलाइन और आवश्यक स्थानों पर अंडरपास का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने और खेती करने में कठिनाई न हो।
ज्ञापन देने वालों में डॉ. अभयवीर सिंह ढाका, भूपेंद्र सिंह, तुलाराम सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, बालकरण सिंह, परम सिंह, राम अवतार सिंह, रघुवीर सिंह, महेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, सोहन प्रकाश, पुष्पेंद्र कुमार, वीर सिंह, विनोद कुमार, देशराज सिंह, राजकुमार शर्मा, प्रभात कुमार, राजेंद्र सिंह, रेखा देवी, छाया देवी, सुनीता देवी सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।ह