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बिजनौर : सीबीएसई इंटर परीक्षा रद्द होने से दस हजार छात्र-छात्राएं होंगे प्रभावित

Wed, 02 Jun 2021 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

छात्र इंटरमीडिएट के बाद स्कूल छोड़कर कालेज में जाता है। अब छात्रों को कालेज में मार्कशीट के आधार पर एंट्रेंस फेस करना पड़ेगा। कहा कि इससे छात्रों में ना पढ़ने की आदत बढ़ेगी।
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CBSE - फोटो : cbse
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विस्तार
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कोरोना प्रकोप के कारण सीबीएसई की इंटरमीडिएट परीक्षा रद्द कर दी गई है। बिजनौर जिले के करीब दस हजार छात्र छात्राएं इस फैसले से प्रभावित होंगे। परीक्षा निरस्त करने के फैसले को जहां छात्रों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सही कदम बताया जा रहा है वहीं कहा जा रहा है ऐसे फैसलों से छात्रों में न पढ़ने की आदत पनपती है।
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जिले में सीबीएसई के 101 विद्यालय है। जानकारी के अनुसार इन स्कूलों में इंटरमीडिएट में करीब दस हजार छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। सीबीएसई ने हाईस्कूल की परीक्षा की व्यवस्था पहले ही बदल दी थी। परंतु इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने को लेकर असमंजस बना था। छात्रों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए परीक्षा निरस्त करने की मांग लगातार उठ रही थी। इसलिए केंद्र के इस फैसले को सही ठहराया जा रहा है।

दूसरी ओर सीबीएसई शिक्षण व्यवस्था से जुड़े लोगों का परीक्षा रद्द करने के बारे में अलग तर्क है। डीडी पीएस पब्लिक स्कूल बिजनौर के पूर्व शिक्षक पंकज भल्ला का कहना है कि इस समय पूरा देश अनलाक की ओर बढ़ रहा है ।
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छात्र इंटरमीडिएट के बाद स्कूल छोड़कर कालेज में जाता है। अब छात्रों को कालेज में मार्कशीट के आधार पर एंट्रेंस फेस करना पड़ेगा। कहा कि इससे छात्रों में ना पढ़ने की आदत बढ़ेगी। अच्छे छात्रों को नुकसान है। छात्र की सही परफार्मेंस का पता नहीं चलेगा
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