हीमपुरदीपा क्षेत्र के ग्राम मुबारकपुर खादर के जंगल मे निर्माणाधीन पुल पानी छोड़ते ही बहे पुल को ?
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किसानों के लिए सिंचाई की अस्थाई व्यवस्था की
हीमपुर दीपा(बिजनौर)। मुबारकपुर खादर गांव के जंगल में पूर्वी मध्य गंगा नहर पर करोड़ों रुपये की लागत से बना सुल्तानपुर रजवाहे का जलसेतु धराशायी होने पर अधिकारियों ने आनन-फानन में पानी का रूट डायवर्ट कर किसानों की फसलों को पानी देने की व्यवस्था का कार्य शुरू कर दिया है।
हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव मुबारकपुर खादर के जंगल में पूर्वी मध्य गंगा नहर पर करोड़ों रुपये की लागत से सुल्तानपुर रजवाहे पर पुल का निर्माण कराया गया था। रविवार सुबह सुल्तानपुर रजवाहे में पानी छोड़े जाने से जलसेतु धराशायी हो गया। सोमवार को अधिकारियों ने आनन-फानन में सुल्तानपुर रजवाहे के पानी का रूट डायवर्ट कर किसानों की फसलों को पानी देने की अस्थाई व्यवस्था की है। सुल्तानपुर रजवाहे से क्षेत्र के मुबारकपुर खादर, हरिनगर, महमूदा आदि गांवों के सैकड़ों किसानों की फसलों की सिंचाई की जाती है। आरोप है कि अधिकारियों ने पूर्वी मध्य गंगा नहर पर जलसेतु के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया है। इस कारण पानी छोड़ते ही पुल धराशायी हो गया। किसानों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश है।