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शिक्षकों को नहीं मिला लॉकडाउन अवधि का वेतन

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शिक्षकों को नहीं मिला लॉकडाउन अवधि का वेतन
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बिजनौर। जिले के वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को लॉकडाउन अवधि का वेतन व मानदेय नहीं मिला है। शिक्षक कहीं सुनवाई नहीं होने से परेशान हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ ने विद्यालय प्रबंधकों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले की जांच नोडल अधिकारियों को सौंप दी है।
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जिले में यूपी बोर्ड के 387 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 287 वित्तविहीन विद्यालय हैं। वित्तविहीन विद्यालयों में हजारों शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों को वेतन के नाम पर मामूली धनराशि मिलती है। इस समय लाकडाउन चल रहा हैं। विद्यालय बंद हैं। शासन ने वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों को लॉकडाउन अवधि का वेतन दिया जाए। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि शासन के आदेशों के अनुपालन में विद्यालयों को अलग-अलग दो पत्र भेजे गए हैं। आरोप है कि इसके बाद भी वित्तविहीन विद्यालयों के अनेक शिक्षकों को लेकर लॉकडाउन अवधि का वेतन नहीं मिला है। अल्प वेतनभोगी वित्तविहीन शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। वित्तविहीन शिक्षकों का कहना है कि सरकार दूसरे राज्यों से आए मजदूरों को रोजगार दे रही है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनेश त्यागी, महामंत्री विनोद कुमार तथा शिक्षक नेता गिरिराज सिंह ने वित्तविहीन शिक्षकों को लॉकडाउन अवधि का वेतन देने की मांग की है। डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि कोरोना आपदा में शिक्षकों को वेतन नहीं देना गंभीर मामला है। कहा कि नोडल अधिकारियों को स्थिति का पता लगाने के लिए कहा जा रहा है।
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