फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल में शिक्षा की अलख जगा रहे शिक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन
जेल में शिक्षा की अलख जगा रहे शिक्षक
विज्ञापन

बिजनौर। सलाखों के पीछे भी शिक्षक शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। ये बंदी जेल में अपने गुनाहों को भूलकर पढ़ाई करने में जुटे हैं। रोजाना कई बंदी समय निकालकर अपनी पढ़ाई करते रहते हैं। पांच बंदी हाईस्कूल की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। जेल के शिक्षक इन बंदियों को रोजाना परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं।
जिला कारागार में बंदी अपने गुनाहों को भूलकर शिक्षा की अलख जगाने में लगे है। खुद तो ये पढ़ ही रहे हैं, अन्य बंदियों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिला कारागार में वैसे तो 1020 बंदी हैं। पर इनमें पांच बंदी ऐसे हैं जो हाईस्कूल की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ये बंदी सुबह से शाम तक अपनी परीक्षा की तैयारी में जुटे रहते हैं। जेल के शिक्षक संजीव दूबे इन बंदियों को परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाई स्कूल की परीक्षा की तैयारी करने वाले बंदियों में दहेज हत्या में नौ अगस्त 2019 से बंद ज्ञानेंद्र, 21 नवंबर 2019 से बंद आंचल कुमार, गैर इरादतन हत्या में 18 जून 2020 से बंद मोहम्मद सादिक, हत्या के मामले में तीन अक्तूबर 2018 से बंद शाहनवाज और चार दिसंबर 2011 से हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे राहुल कुमार शामिल हैं। महिला बंदियों के बच्चों को भी शिक्षक जेल में रोजाना पढ़ाई करा रहे हैं। पांच बंदियों के अलावा अन्य कोई बंदी पढ़ना चाहता है तो उसे भी जेल में पढ़ाया जा रहा है। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह के मुताबिक जेल में बंदी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कई बंदी अलग से पढ़ाई करते हैं। बंदियों को पढ़ाने के लिए जेल में शिक्षक हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें