जिले में दस्तक अभियान में खोजे जाएंगे टीबी के मरीज
बिजनौर। दस्तक अभियान में टीबी के मरीज भी खोजे जाएंगे। इसके लिए 12 से 25 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले मरीजों को ढूंढेंगे। संभावित लक्षण वाले मरीज मिलने पर उनकी जांच कराई जाएगी। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर आशा कार्यकर्ता को 500 रुपये प्रति केस प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी।
संचारी रोगों का पता लगाने और इस पर नियंत्रण को एक जुलाई से दस्तक अभियान शुरू हुआ है। इसमें स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर मरीजों का पता लगाएंगे। यह अभियान पूरे जुलाई तक चलेगा। इस अभियान के तहत 12 से 25 जुलाई तक विशेष रूप से टीबी के मरीज भी खोजे जाएंगे। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी करेंगे। ऐसे मरीजों के मिलने की जानकारी ब्लॉक स्तर पर सुपरवाइजर एवं टीबी विभाग के कर्मचारियों को देंगे। इसके बाद लक्षण वाले मरीज के बलगम की जांच कराई जाएगी। इसमें टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का इलाज शुरू हो जाएगा और आशा कार्यकर्ता को प्रति केस 500 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे। जिला क्षय रोग विभाग ने इसके लिए तैयारी की है और अपने कर्मचारियों को विशेष अभियान के दौरान फील्ड में रहने को कहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि दस्तक में ही टीबी मरीजों को खोजने का विशेष अभियान चलेगा। संभावना के आधार पर मरीज का सैंपल लिया जाएगा और यदि वह जांच में कंफर्म आता है तो आशा कार्यकर्ता को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
2019 से अब तक के टीबी मरीजों का होगा सत्यापन
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2019 से अब-तक मिले लगभग साढ़े छह हजार टीबी के मरीजों का विभाग के कर्मचारियों द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसमें टीबी की चपेट में आकर मरने एवं इलाज के बाद ठीक होने वालों के घर टीम जाएगी। टीम के सदस्य मरीज की पूरी केस हिस्ट्री लेंगे तथा दवा नियमित चलाई गई या फिर बीच में ही छोड़ दी गई, इसकी जानकारी लेंगे। इससे पता चलेगा कि कितने मरीज नियमित दवा का सेवन कर रहे हैं और कितनों ने बीच में दवा लेना छोड़ दिया।