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बुखार, बदन दर्द और थकावट होने पर बरतें सावधानी

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बुखार, बदन दर्द और थकावट होने पर बरतें सावधानी
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बिजनौर। बुखार, बदन दर्द और ज्यादा थकावट होने पर सावधानी की जरूरत है। यह लक्षण दिखने पर नौ दिन तक सतर्कता जरूरी है। यह कोरोना संक्रमण का शुरुआती लक्षण हो सकता है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी कोरोना डॉ. पीआर नायर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण से डरने की जरूरत नहीं है। जरूरी यह है कि बुखार होने पर गंभीरता बरतें।
अनलॉक के बाद से लोगों में कोरोना के प्रति गंभीरता कम हुई है। मास्क भी बहुत कम लोग लगा रहे हैं। कोरोना से पीड़ित एक तिहाई मरीजों में तीसरे या चौथे दिन स्वाद और सुगंध चली जाती है। इसलिए इस पैमाने का ध्यान रखना चाहिए। अक्सर लोग बुखार होने पर मलेरिया, डेंगू, टायफायड समझकर इलाज कराते हैं, जबकि यह कोरोना भी हो सकता है। नोडल अधिकारी ने कहा कि ऐसे भी मरीज सामने आए हैं, जिनके कोरोना टेस्ट तो नेगेटिव रहे, लेकिन चेस्ट के सीटी स्कैन में यह बीमारी सामने आई।
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कोरोना से लड़ाई में भाप सबसे बड़ा हथियार
पंडित चंद्रकांत आत्रेय अस्पताल के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. अवधेश वशिष्ठ ने बताया कोरोना से लड़ाई में भाप सबसे बड़ा हथियार है। बाहर से घर आने पर तीन से चार मिनट की भाप जरूरी लेनी चाहिए। इससे वायरस को फेफड़ों तक पहुंचने से पहले खत्म करना संभव है।
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मास्क जरूर लगाएं
सूफिया मेमोरियल हॉस्पिटल की चेस्ट फिजीशियन डॉ. तजीन आरिफ के अनुसार वायु प्रदूषण ज्यादा होने से कोरोना का सीधा संबंध है। महीन धूल कणों से चिपककर कोरोना वायरस सांस के माध्यम से आसानी से प्रवेश कर सकता है। इससे बचाने में सबसे उपयोगी मास्क होता है।
ये बरतें सावधानी
-मास्क केवल आठ घंटे तक इस्तेमाल कर सकते हैं।
-जिन लोगों को कोरोना हो चुका है, उन्हें भी सावधान रहना चाहिए।
-प्रतिदिन कम से कम ढाई से तीन लीटर गर्म पानी पीएं, जाड़े में पानी पीना कम न करें।
-चिकित्सकों की सलाह पर विटामिन सी, विटामिन डी-3, विटामिन ई, जिंक लें।
-रोजाना कम से कम आधा से एक घंटा धूप में बैठें।
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