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शाम से ही रिसीव नहीं हो रहा था सुरभि का फोन

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शाम से ही रिसीव नहीं हो रहा था सुरभि का फोन
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बिजनौर। दोपहर को छात्रा की अपनी मां से बात हुई थी, लेकिन शाम से उसका फोन रिसीव नहीं हो रहा था। जिसे लेकर परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने उसकी चांदपुर में रहने वाली सहेली के माध्यम से बिजनौर की छात्रा को उसके हॉस्टल भेजा। लेकिन जब यह छात्रा वहां पहुंची तो पुलिस को देखकर वह डर गई। इसी छात्रा से पुलिस ने सुरभि के परिजनों का फोन नंबर लेकर घटना की जानकारी दी।
सोमवार की शाम सुरभि त्यागी के फोन पर उसके परिजन लगातार कॉल कर रहे थे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जिस पर छात्रा के परिवार वालों ने उसकी सहेलियों को फोन किया। नगीना में रहने वाली उसकी बेस्ट फ्रेंड ने बिजनौर शहर में रहने वाली दूसरी सहेली को फोन कर हॉस्टल जाकर देखने की बात कही। सुरभि की सहेली हॉस्टल पहुंची तो वहां पहले से ही पुलिस मौजूद थी। पुलिस ने उससे मृतका के घर का नंबर लेकर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार वाले हॉस्टल पहुंचे। छात्रा की मां रोते बिलखते हुए कह रही थी कि आज ही फोन किया था और कह रही थी मां गाजर का हलवा बना लेना मैं कल घर आऊंगी।
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छात्रा का शव लटका देख सहम गईं लड़कियां
हॉस्टल में रहने वाली करीब 30 लड़कियों ने छात्रा का शव फांसी पर लटका देखा तो उनकी चीख निकल गई और वे हॉस्टल से बाहर की ओर दौड़ीं और हॉस्टल के पास वाले घरों में जाकर रुकीं। रात 10:00 बजे तक लड़कियां हॉस्टल के अंदर नहीं पहुंचीं। सहमी हुई थी लड़कियां बोल रही थीं कि अब वह अपने कमरे में नहीं सोएंगी। सभी इकट्ठे एक ही जगह सोने का प्रयास करेंगी।
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एक दिसंबर को ही हॉस्टल आई थी सुरभि
सुरभि त्यागी पिछले साल भी इसी हॉस्टल में रहती थी, लेकिन इस सात वह एक दिसंबर को ही हॉस्टल लौटी थी। सुरभि अकेले ही कमरे में रहती थी। एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह भी जानकारी मिलने पर हॉस्टल पहुंच गए। उनके साथ में फोरेंसिक टीम भी थी। जिसने साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। पुलिस रात 10:00 बजे तक कमरे को खंगाल रही थी, जिससे आत्महत्या किए जाने का कोई ठोस कारण या सुसाइड नोट बरामद हो सके।
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