बिजनौर में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चार्टर्ड प्लेन में चढ़ने से रोकने और बदसलूकी करने पर जिले के सपा नेता भड़क उठे। सपा नेताओं ने पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शन करके कलक्ट्रेट में धरना दिया। पुलिस ने धरना देने वालों की घेराबंदी कर दी। ज्ञापन देने के बाद मामला शांत हुआ।
मंगलवार को लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को चार्टर्ड प्लेन में चढ़ने से रोकने पर सपा के नेताओं में उबाल आ गया। सपा नेता पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। वहां से पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गए। डीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश ने कहा कि एडीएम या अन्य जो भी अधिकारी ज्ञापन लेने आएगा उसे वह धक्का देंगे तब पता चलेगा कि अखिलेश यादव का अपमान कैसे किया जाता है। स्वामी ओमवेश की घोषणा से अफसरों के हाथ पांव फूल गए और कोई भी अफसर ज्ञापन लेने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस फोर्स को धरनास्थल पर बुला लिया गया।
स्वामी ओमवेश अपनी बात पर अड़े रहे। ओमवेश बोले कि अफसर मीडिया के साथ ज्ञापन लेने आएं तो मामला निपट सकता है। एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ अन्य अफसरों के साथ ज्ञापन लेने पहुंचे तब जाकर मामला शांत हुआ। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में अखिलेश यादव को रोकने को लोकतंत्र की हत्या बताया गया। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, जावेद राईन, अखलाक पप्पू, सतपाल सिंह, डा.रमेश तोमर, जमील चौधरी, जावेद अख्तर, आरिफ कुरैशी, सुरेंद्र वाल्मीकि, हनी फैसल, सुहैल बकार, प्रभा चौधरी, जीशान आलम समेत कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सपा कार्यालय पर दो पक्षों में मारपीट
बिजनौर में सपा कार्यालय पर प्रदर्शन करने की तैयारी के दौरान सपा के दो गुटों में मारपीट होने से हंगामा खड़ा हो गया। पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश ने बीच में पड़कर मामला खत्म कराया और दोनों पक्षों से आपस में वार्ता करने को कहा। तब जाकर प्रदर्शन शुरू हुआ। सपा कार्यालय पर प्रदर्शन की तैयारी चल रही थी। पार्टी के जिला प्रवक्ता अख्लाक पप्पू ज्ञापन पर नेताओं के हस्ताक्षर करा रहे थे। बिजनौर नगर पालिका चेयरपर्सन के पति शमशाद अंसारी भी वहां मौजूद थे। ज्ञापन पर हस्ताक्षर कराने को लेकर अख्लाक पप्पू व शमशाद अंसारी में नोकझोंक के साथ गाली गलौज शुरू हो गई। वहां मौजूद शमशाद अंसारी के छोटे भाई इमरान अंसारी व अख्लाक पप्पू में मारपीट शुरू हो गई। मारपीट होते ही हंगामा खड़ा हो गया। पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश ने इमरान अंसारी को पकड़ लिया तब जाकर मामला शांत हुआ। शमशाद अंसारी के पक्ष का कहना है कि अख्लाक पप्पू किसी भी बैठक की सूचना उन्हें नहीं देते हैं। प्रदर्शन के बाद दोनों पक्ष के लोगों को पार्टी कार्यालय में बुलाया गया। पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश ने कहा कि वे उनके घर आकर उनकी बात सुनेंगे। तब जाकर मामला शांत हुआ।
सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका
धामपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को यूपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका। सपा के नगराध्यक्ष नसीम राणा के नेतृत्व में संतोष पनवाड़ी के तिराहे पर एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से प्रदेश में मनमानी की जा रही है। लोकतंत्र खतरे में है। भाजपा की प्रदेश और केंद्र की सरकार सपा और बसपा के महागठंधन से घबराई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेख यादव को प्रयागराज में छात्र संघ के सम्मेलन में प्रतिभाग करने के बाद अखाड़ा परिषद की ओर से आयोजित साधु संतों के सम्मेलन में भाग लेकर आशीर्वाद लेना था। पर यूपी सरकार के इशारे पर भाजपा एजेंट के रूप में काम कर रहे पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज कर पूर्व सीएम को इन दोनों कार्यक्रम में जाने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आने वाला समय महागठबंधन का है। लोकसभा के चुनाव में भाजपा का पूरी तरह से यूपी से सफाया होगा। प्रदर्शन में नगराध्यक्ष नसीम राणा, तनवीर जेदी, सलाउद्दीन, मुदित गुप्ता, रियाज, अकबर, फहीम राणा, रविंद्र, पप्पू, भामाशाह, अफसर कुरैशी, सरफराज, शिबली खान, नासिर, जावेद गुड्डू, रियासत अंसारी, जावेद अंसारी, अशरफ, तसब्बुर कस्सार, आफाक खां रहे।