चीनी का उठान कम, कोटे के बराबर भी नहीं बिक्री
बिजनौर। चीनी के बंपर उत्पादन और लॉकडाउन की वजह से बिक्री कम होने से मुश्किल खड़ी हो गई है। घरेलू मांग के साथ व्यावसायिक मांग धड़ाम हो गई है। हाल यह हो गया है कि चीनी मिलें निर्धारित कोटे के अनुसार भी चीनी नहीं बेच पा रही हैं।
वर्तमान में चीनी का न्यूनतम मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल है। पिछले दो तीन साल से गन्ने के बंपर उत्पादन और बंपर रिकवरी से चीनी का उत्पादन बहुत बढ़ गया है। चीनी की बिक्री का कोटा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। चीनी मिल इस निर्धारित कोटे से ज्यादा चीनी नहीं बेच सकती हैं। लॉकडाउन की वजह से चीनी की बिक्री पर बुरा असर पड़ा है। चीनी की 30 प्रतिशत खपत घरेलू कामकाज में और 70 प्रतिशत खपत व्यावसायिक कामों जैसे शीतल पेय, बिस्कुट, मिठाई, आइसक्रीम आदि में होती है। लॉकडाउन में घरों में रही जनता ने स्वास्थ्य कारणों से चीनी का कम उपभोग किया। व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। अब प्रतिष्ठान खुले भी लोग केवल अपनी ज्यादा जरूरत का सामान खरीदना ही पसंद कर रहे हैं। इसलिए व्यावसायिक रूप से चीनी की खपत बहुत कम हो गई है। खपत कम होने से चीनी की बिक्री एकदम धड़ाम हो गई है।
- चीनी उठाने से खड़े किए हाथ
बरकातपुर चीनी मिल एक शीतल पेय कंपनी को चीनी बेचती है। शीतल पेय कंपनी को दी जाने वाली चीनी में कई बातों का ध्यान रखा जाता है। चीनी के दाने के साइज, उसमें नमी आदि का बहुत ध्यान रखा जाता है। बरकातपुर चीनी मिल ने इस बार कंपनी के लिए छह लाख क्विंटल चीनी बनाई थी, लेकिन कंपनी चीनी लेने से अभी हाथ खड़े कर रही है।
- चीनी का बाजार कम
बरकातपुर चीनी मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक (गन्ना) विश्वासराज सिंह का कहना है कि चीनी का उठान नहीं हो रहा है। बाजार में अभी चीनी की खपत बहुत कम है। चीनी बेचने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
- चीनी मिलों का मई का कोटा
चीनी मिल बिक्री कोटा बिकी चीनी
धामपुर 28025 13998.50
स्योहारा 11732 11426.70
बिजनौर 1960 1380.90
चांदपुर 3175 2499.45
नजीबाबाद 4302 2444
बहादरपुर 4832 8070.50
बरकातपुर 11043 8134.50
बुंदकी 7387 7393.80
बिलाई 8641 6467.70
कुल 81097 60816.05
(नोट: आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।)