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कई दिनों से तनाव में हैं मेडिकल विद्यार्थी और अभिभावक

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रोमानिया के लिए रवाना हुए यूक्रेन में फंसे छात्र
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नजीबाबाद। यूक्रेन में मेडिकल कोर्स के लिए गए नगर तथा आसपास के विद्यार्थियों ने शनिवार को यूनिवर्सिटी कैंपस छोड़ दिया। चार बसों में सवार विद्यार्थी रोमानिया के सफर पर हैं।
यूक्रेन पर रूस के ताबड़तोड़ हमलों से मेडिकल की पढ़ाई करने गए विद्यार्थी और उनके अभिभावक कई दिन से खौफ के साये में हैं। नगर के शिक्षक मोबीन हसन का पुत्र माज हसन, मुजफ्फर अली का पुत्र मोहम्मद जैदी, भनेड़ा निवासी शिक्षक आबिद कुरैशी की पुत्री शारिबा जिया अंसारी, बिजनौर के मोहम्मद उस्मान की पुत्री इमामा सहित जनपद के अनेक विद्यार्थियों ने शनिवार को राहत की उस समय सांस ली जब चार बसों में सवार मेडिकल विद्यार्थी यूक्रेन के इवानो फ्रेंक्वास्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से रोमानिया के लिए रवाना हुए। लगभग नौ घंटे के सफर पर निकले मेडिकल विद्यार्थी बदहवास हैं।
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प्रशासन के पास नजीबाबाद तहसील के जिन अन्य लोगों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी है। उनमें किरतपुर क्षेत्र के मोहम्मद शाद, मोहम्मद आदिल, नजीबाबाद के अंकित, गुलशामा, विनय चौधरी, समीपुर के मोहम्मद बिलाल, हुमायूंपुर के हुजैफा शामिल हैं।
माज हसन ने सायं 6:20 बजे अमर उजाला को बताया कि दो घंटे में यूक्रेन बॉर्डर पास करने की उम्मीद है। मेडिकल विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी द्वारा तीन दिन पूर्व मैस का संचालन बंद करने से खाने-पीने की व्यवस्था ठप हो जाने की जानकारी दी। मेडिकल विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने अपने खर्च पर सेब, मैगी, जूस आदि दो-तीन दिन पहले खरीदा था। ऐसी ही चीजों से मेडिकल विद्यार्थी अपनी भूख मिटा रहे हैं।
अभिभावकों मोबीन हसन, मोहम्मद उस्मान, इनाम अली आदि ने यूनिवर्सिटी के होस्टल में मैस बंद कर दिए जाने, विद्यार्थियों को यूक्रेन ले जाने वाली कंपनियों द्वारा किसी भी प्रकार की मदद न करने और विद्यार्थियों को अकेला छोड़ देने पर नाराजगी व्यक्त की।
भूखे-प्यासे विद्यार्थी कब भारत पहुंचेंगे, बढ़ीं चिंता
नजीबाबाद। रोमानिया पहुंचने के बाद भारत आने के लिए विद्यार्थियों को कितने घंटे इंतजार करना पड़ेगा, इस बात को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। नगर तथा आसपास के क्षेत्र के मेडिकल विद्यार्थी अपने खर्च पर स्वदेश आने की व्यवस्थाएं जुटा रहे हैं। मेडिकल विद्यार्थियों ने ही चार्टर्ड फ्लाइट से भारत आने के इंतजाम जुटाए हैं। विद्यार्थियों को मोटी रकम लेकर यूक्रेन भेजने वाली कंपनियां और उसके प्रतिनिधि चुप्पी साधे हैं।
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चार किलोमीटर पैदल चलेंगे मेडिकल विद्यार्थी
नजीबाबाद। यूक्रेन की सीमा पार करने के लिए मेडिकल विद्यार्थियों को करीब चार किलोमीटर पैदल चलना होगा। विद्यार्थियों ने भारत के समय अनुसार शाम सात बजे सीमा पार करने के लिए पैदल सफर शुरू किया है। इसके बाद ही आगे के सफर की व्यवस्था की जाएगी।
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