नहटौर में आधार कार्ड बनवाने के लिए रात दस बजे से ही डाकघर के बाहर बैठी युवतियां।
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रातभर डाकघर पर सोने को मजबूर छात्र-छात्राएं
नहटौर। आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने के लिए किस कदर का संघर्ष करना पड़ रहा है। इसको देखकर आप भी सकते में पड़ सकते हैं। छात्र/छात्राएं डाकघर के सामने रात में लाइनों में लगकर सुबह के इंतजार में सो जाते हैं। सुबह उठकर टोकन लेते हैं।
डाकघर के अलावा बैंकों में आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने के लिए सरकार की ओर से अधिकृत किया गया है। लेकिन बैंकों में आधार कार्ड नहीं बनाएं जा रहे हैं। जिससे डाकघरों पर भीड़ लग रही है। आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने के लिए छात्रों को डाकघर के सामने टोकन लेने के लिए पूरी रात लाइन में लगना पड़ता है। इतना ही नहीं छात्र -छात्राएं लाइन में ही डाकघर के सामने पूरी रात सोते हैं। ताकि डाकघर खुलने पर उन्हें टोकन मिल जाएं। नहटौर के मुख्य डाकघर में आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने का काम चल रहा है। छात्र/छात्राएं सुमित सैनी, अरुण कुमार, देशराज, प्रियंका, रितू, नीशू, आंकाक्षा आदि का कहना है कि डाकघर कर्मचारी मात्र 20 टोकन ही बांटते हैं। वह कई दिनों से डाकघर आ रहे हैं लेकिन उनका नंबर नहीं आ रहा है। इसलिए वह शाम से ही पूरी रात लाइन में लगकर सुबह टोकन का इंतजार करते हैं। छात्राएं रात में अपने घर को छोड़कर डाकघर के सामने खुले में रात गुजार रही हैं। कई छात्राएं अकेले तो कुछ के परिजन भी उनके साथ रात में सो रहे हैं। आरोप हैं कि डाकघर में आधार कार्ड बनाने में भी खेल चल रहा है। लाइन में लगे मात्र 20 छात्रों को ही टोकन बांटे जाते हैं। जबकि डाकघर में करीब 40 से 50 बनाएं व संशोधन किए जाते हैं। आरोप है कि बिना लाइन के 200 रुपये तक लेकर कार्ड बनाने व संशोधन करने का खेल हो रहा है। जबकि आवेदन की फीस मात्र 50 रुपये है। पोस्टमास्टर ऋषिपाल सिंह का कहना है कि टोकन बांटकर कार्ड बनाएं व संशोधन किए जा रहे हैं। निर्धारित शुल्क ही लिया जा रहा है।