मंडावली/नजीबाबाद। हाईवे पर अब वाहनों का शोर नहीं बल्कि भगवान भोलेनाथ के जयघोष सुनाई दे रहा है। आस्था की डगर पर भगवान भोले की जय-जयकार करते शिवालयों की ओर भक्तों के कदम बढ़ रहे हैं। कांवड़ियों का कहना है कि भोलेनाथ ने दिया उसी से संतुष्ट हैं। बगैर किसी कामना के नि:स्वार्थ कई सालों से सावन मास में भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं।
सावन मास में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों के जत्थे आस्था और जोश के साथ गुजर रहे हैं। पांव में घुंघरू और जुबान पर बम भोले के बोल के साथ जिधर से भी शिवभक्त गुजरते हैं, वहां का वातावरण शिवमय हो रहा है। सुंदर झांकी और कलश कांवड़ में गंगाजल लेकर शिवभक्त सुख, सुविधा को त्याग कर भगवान भोले नाथ की भक्ति में लीन हैं।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर नैनीताल निवासी नंद गोपाल, ऋषभ, सुरेश, मृत्युंजय, हेमलता सुखदेव आदि का जत्था मोटा महादेव मंदिर पहुंचा। नंद गोपाल ने बताया कि भगवान भोले नाथ की कृपा से पिछले आठ साल से निरंतर जत्थे के साथ गंगाजल लाकर सावन की शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं। करीब 250 किलोमीटर की यात्रा के दौरान उनके जत्थे को कोई परेशानी नहीं हुई है।
जिला बुलंदशहर से छोटू, हिमांशु, अंकित, कपिल, अभिषेक आदि 11 भोलों का जत्था है। हिमांशु ने बताया कि पिछले पांच सालों से गंगाजल ले जाकर भगवान शंकर का शिवरात्रि पर जलाभिषेक करता आ रहा है।
इस बार भी समय से शिवालय पहुंचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। भोले नाथ से कभी कुछ नहीं मांगा, भगवान भोले नाथ दयालु हैं वे अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं। उनके आशीर्वाद से ही इतनी लंबी यात्रा में कोई थकान नहीं होती।
पैजनियां से कांवड लेकर जाते शिवभक्त। संवाद- फोटो : 1