पांच माह से नहीं 20 से 100 रुपये तक के स्टांप
बिजनौर। जिले से 20, 50 और 100 रुपये का स्टांप गायब हो चुका है। ये स्टांप ढूंढे भी नहीं मिल रहा। स्टांप नहीं मिलने से स्टांप लेने वाले लोग परेशान हैं। वे जैसे-तैसे काम चल रहे हैं। 20 रुपये से लेकर 100 रुपये का स्टांप शपथ पत्र बनवाने के साथ अनुबंध कराने में काम आता हैं। पिछले पांच माह से यह स्टांप नहीं मिल रहा है।
जिले में 20 रुपये से लेकर 50 व 100 रुपये के स्टांप की रोजना पांच हजार से ज्यादा की खपत होती थी। ये स्टांप शपथ पत्र बनवाने, बयान हल्पी व बैंकों के अनुबंध के साथ तहसीलों में लगाए जाते थे। पिछले पांच माह से जिले में यह स्टांप नहीं मिल रहे हैं। सभी स्टांप कोषाधिकारी के कार्यालय से स्टांप विक्रेताओं को आवंटित हेते हैं। पर वहां भी ये स्टांप नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक सभी स्टांप हैदराबाद व नासिक से लखनऊ आते हैं। इसके बाद जिलों को ये स्टांप दिए जाते हैं। ये स्टांप अब आ नहीं रहे हैं। पिछले दिनों तमाम स्टांप विक्रेता डीएम से मिले थे व स्टांप दिलाने की मांग की थी। कोषाधिकारी के कार्यालय में जो स्टाम्प को स्टाक रुका हुआ था वह उन्हें दे दिया गया था। इसके बाद कोषाधिकारी के कार्यालय में 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का कोई स्टांप नहीं बचा है। स्टांप विक्रेता अतुल अहलावत के मुताबिक रोजाना 20 रुपये लेकर 100 तक के स्टांप की खूब बिक्री होती थी पर अब ये स्टांप नहीं मिल रहे हैं।
पिछले पांच माह से नहीं हैं स्टांप
जिला कोषाधिकारी सूरज कुमार के मुताबिक पिछले पांच माह से 100 रुपये का स्टांप नहीं मिल रहा है। इसके बाद 50 व 20 रुपये का स्टांप भी नहीं मिल रहा है। ऊपर से ही ये स्टांप नहीं आ रहे हैं। शासन से इन स्टांप के बारे में रिपोर्ट मांगी गई थी। रिपोर्ट में बता दिया गया है कि 20 से लेकर 100 रुपये तक का स्टांप नहीं है। फरवरी माह में नासिक से स्टांप आने की उम्मीद है। जिला कोषाधिकारी के मुताबिक स्टांप विक्रेताओं को लिमिट के हिसाब से स्टांप दिए जा रहे है। एक स्टांप विक्रेता को एक दिन में ढाई लाख के स्टांप दिए जा रहे हैं। जो छोटे स्टांप विक्रेता हैं, उन्हें दो लाख के स्टांप दिए जा रहे हैं। पांच हजार, चार हजार व उससे कम दाम के स्टांप दिए जा रहे हैं। इससे ज्यादा स्टांप किसी को नहीं दिए जाएंगे। शपथ पत्र बनवाने व अनुबंध कराने में लोग दस रुपये का स्टांप इस्तेमाल कर रहे हैं। दस रुपये का स्टांप ही बाजार में मिल रहा है। अगर ये ही हालत रही तो दस रुपये का स्टांप भी नहीं मिलेगा।
ऑनलाइन मिल रहा 100 रुपये का स्टांप
आनलाइन ई-स्टांप के बिजनौर कलक्ट्रेट में शहजाद अनवर, राबिया परवीन, देवेंद्र कुमार, राकेश सिंह, राकेश मेहरोत्रा के नाम लाइसेंस हैं। इनके पास पैसा जमा करके आन लाइन ई-स्टांप दिया जा रहा है। बैनामा कराने व अन्य कार्यों के लिए ये ही स्टांप मिल रहा है। किसी को अगर 100 रुपये के ई-स्टांप की जरूरत है तो उसे 120 रुपये का ई-स्टांप मिल रहा है।