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बारिश बंद होने के बाद भी नहीं रुका स्रोतों का जल

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बारिश बंद होने के बाद भी नहीं रुका स्रोतों का जल
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बिजनौर। शुक्रवार को बारिश रुकने के बाद भी स्रोतों से निकलने वाला पानी कम होने के बजाए और बढ़ गया है। कई जगह पर स्रोतों का पानी सड़कों पर बह रहा है। सड़क पर पानी चलने से कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन सड़कों से ही किसानों को थोड़े समय बाद गन्ने की आपूर्ति मिलों में करनी हैं। स्रोतों के पास हजारों बीघा जमीन में अब भी पानी भरा हुआ है। किसान किसी तरह खेतों से पानी को निकालने में लगे हुए हैं।
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लगातार चार दिन तक बारिश होने के बाद शुक्रवार सुबह को गंगा के पानी से निजात मिली। बृहस्पतिवार को थोड़े समय के लिए बूंदाबांदी हुई थी लेकिन इतनी बारिश नहीं हुई कि सड़क पर पानी भर जाए। चार दिन तक बारिश की वजह से सूखे स्रोत उफन गए थे। जिसकी वजह से बुधवार को सूखे स्त्रोतों से भी पानी निकलने लगा था। बृहस्पतिवार को दोपहर के बाद केवल बूंदाबांदी होने के बाद भी स्रोतों का पानी कम नहीं हुआ। शुक्रवार को तो पानी और ज्यादा बढ़ गया। मंडावली रोड पर तो स्रोत का पानी दस से 12 जगह पर चल रहा है। हेमराज कॉलोनी पर भी स्रोत का पानी बढ़ गया है। कहीं कहीं तो एक फीट तक पानी चल रहा है। किसानों के खेतों में पानी भर गया है। जिन सड़कों पर पानी बह रहा है इनसे ही थोड़े दिन बाद मिलों को गन्ने की आपूर्ति होनी है। किसान महादेव, अनिल आदि का कहना है कि गंगा का जलस्तर बहुत बढ़ गया है। गंगा के आसपास भी जमीन में नमी बहुत बढ़ गई है। गंगा का जलस्तर और जमीन में नमी बढ़ने पर ही जगह जगह पर स्रोतों का पानी निकल रहा है। नमी और जलस्तर कम होने के बाद ही स्रोतों से पानी निकलना कम होगा।
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