धामपुर में कालियावाला मंदिर बाग में आम के पेड़ पर झूला डाल कर पांवजौड़ी कर झूलती बालिकाएं।
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हरियाली तीज पर गाए सावन के गीत
धामपुर/शेरकोट। धामपुर क्षेत्र में हरियाली तीज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं नेेे तीज का पूजन किया। दोपहर में तीज के गीतों पर जमकर पांवजोड़ी कर झूला झूला। महिलाओं के झूलों के गीतों से वातावरण सावनमय हो गया। यहां तक कि महिलाएं बारिश में इस मौके पर महिलाओं ने बारिश भी परवाह नहीं की।
कालियावाला मंदिर पर आम के बाग में झूला डाला और वहां पर तीज पर्व का जमकर लुत्फ उठाया। इस बार कोरोना काल के चलते हरियाली तीज पर कम धूमधाम रही। कालियावाला मंदिर में डिंपल, राधा, गुड़िया, रानी पंडित, काजल, माही, वंशिका का कहना है कि देर शाम तक झूला झूलने के बाद शाम को तीज का विवाह रचाया। एक महिला तीज के रूप में दुल्हन बनी और दूसरी महिला दूल्हा। तीज का विवाह करने के बाद ही यह पर्व पूरी तरह संपन्न होता है। शेरकोट में हरियाली तीज पर जमकर झूला झूला। श्रावण मास में शुक्ल पक्ष तृतीया को हरियाली तीज का त्योहार महिलाओं द्वारा उत्सव के रूप में मनाया जाता है। वृक्षों की शाखाओं में झूला डाल जमकर पांवजोड़ी कर झूलती हैं। सावन के गीत गाती है। चारों तरफ हरियाली होने के कारण इसे हरियाली तीज कहते हैं।