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बेटे की हत्या कर जान दी

Fri, 27 Nov 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
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मंडावर। पति से अनबन के कारण मायके रह रही एक महिला ने बृहस्पतिवार की रात पहले अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे को जहर दिया और इसके बाद खुद भी खा लिया।
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हालत बिगड़ने पर परिजनों को पता चला तो दोनों को चंदक पीएचसी ले जाया गया। मगर, महिला की रास्ते में ही मौत हो गई जबकि मासूम ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। मां-बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस को मामले की तहरीर नहीं दी गई।

थाना मंडावर क्षेत्र के गांव बहादरपुर जट निवासी रामनाथ की 30 वर्षीय पुत्री मीरा की शादी आठ वर्ष पूर्व थाना नहटौर क्षेत्र के गांव शादीपुर खंडसाल में निवासी हरिओम से हुई थी। दोनों के दो बेटी मानसी (6), मीनाक्षी(4) और डेढ़ वर्ष का बेटा प्रतीक हैं।
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लंबे समय से मीरा बीमार चल रही थी। इसी कारण पति आए दिन उसे परेशान करता था। अनबन बढ़ने लगी तो पांच माह पूर्व मीरा और पुत्र प्रतीक को उसका भाई मोहनलाल मायके ले आया था और यहां उसका उपचार शुरू कराया था। परिजनों के मुताबिक अब उसकी हालत में सुधार भी हो गया था।

बावजूद इसके मीरा ने बृहस्पतिवार की रात बेटे प्रतीक को जहरीला पदार्थ दे दिया और बाद में स्वयं भी खा लिया। हालत बिगड़ने पर रात करीब दो बजे परिजनों को पता चला तो तुरंत उपचार के लिए दोनों को चंदक पीएचसी लेकर दौड़े। मगर, मीरा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

प्रतीक को गंभीर हालत में पीएचसी से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। मां-बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।

गांव में शोक व्याप्त है। शुक्रवार की शात तक पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है। इस मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक मंडावर सुरेंद्र सिंह पचौरी का कहना है कि गांव बहादरपुर जट में महिला और उसके बच्चे की मौत की सूचना मिली थी। दोनों के शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम करा दिया है।

लेकिन अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर ही कार्रवाई की जाएगी।

उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर आए मृतका के ससुर ने बताया कि उसकी पुत्रवधू मीरा कुछ समय से मायके में रह रही थी। उनका पुत्र हरिओम पुत्रवधू को साथ ले जाने से क्यों मना कर रहा था? इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। पूरा परिवार सदमें में है।

पिता के साथ रहती हैं दोनों बेटी
मंडावर। बीमार होने पर मीरा का भाई मोहन उसे और उसके बेटे प्रतीक को अपने साथ ले आया था। जबकि मीरा की दोनों बेटी मानसी और मीनाक्षी गांव शादीपुर खंडसाल में ही अपने पिता के पास रहती हैं।
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तनाव में थी मीरा
बिजनौर। ग्रामीणों के मुताबिक बीमार मीरा की हालत में सुधार हो रहा था। मीरा ने कई बार पति हरिओम से बात करके साथ ले जाने की बात कही थी। इस संबंध में मीरा के भाई मोहनलाल ने भी हरिओम से बात की थी, लेकिन उसने अपने साथ ले जाने से इंकार कर दिया था। इस बात को लेकर मीरा तनाव में थी।
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