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पहली फ्लाइट में यूक्रेन से लौट रहे बिजनौर के 6 छात्र

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पहली फ्लाइट में यूक्रेन से लौट रहे बिजनौर के छह छात्र
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बिजनौर। यूक्रेन से छात्रों की वतन वापसी शुरूहो गई है। पहली फ्लाइट में बिजनौर के छह छात्रों को लौटने का मौका मिल रहा है। यह बात डीएम उमेश मिश्रा ने गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के बाद कही। उन्होंने जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जिस पर यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिवार वाले सूचना दे सकते हैं।
शनिवार को डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को मदद उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार की ओर से वतन वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि यूक्रेन में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों के चलते यूक्रेन आने जाने के लिए सभी कामर्शियल फ्लाइट बंद है तथा यूक्रेन का एयर स्पेस भी बंद है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास कीव यूक्रेन में मौजूद सभी भारतीय विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को संभावित मदद पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। विदेश मंत्रालय भारत सरकार तथा भारतीय दूतावास कीव, यूक्रेन द्वारा हेल्पलाइन संचालित की जा रही है।
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ये हैं हेल्पलाइन नंबर
+91 11 23012113, +91 11 23014104, +91 11 23017905,
नई दिल्ली स्थापित कंट्रोल रूम + 1800 118 797
ईमेल आईडी situationroom@mea.gov.in
राज्य स्तर हेल्पलाइन नंबर: 0522 1070 एवं मोबाइल नंबर 9454441081 तथा ईमेल आईडी rahat@nic.in है।
बिजनौर प्रशासन के हेल्पलाइन फोन नंबर 01342 262295, 262031 तथा 262297
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यूक्रेन से निकालने के लिए बस मिलते ही चेहरे खिले
- हितेश चौधरी ने अमर उजाला को भेजी बस में सवार होने की तस्वीर
फोटो...
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूक्रेन के इवानों शहर में फंसे छात्रों को निकालने के लिए शनिवार को प्रयास किया गया। दो बसों में छात्रों को बैठाकर बार्डर की तरफ ले जाया गया। बस से निकलने वालों में बिजनौर का हितैष चौधरी भी शामिल है। हितेष ने फोटो साझा की। जिसमें साफ झलक रहा है कि यूक्रेन से निकलने में छात्रों के चेहरे पर कितनी खुशी है। यहां तक की बस में छात्र गीत गुनगुनाते हुए भी दिखाई दिए। रशीदपुर गढ़ी का रहने वाला हितैष चौधरी इवानों की यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। जोकि पिछले कई दिनों वहीं फंसा हुआ था। भारतीय समय के अनुसार दोपहर दो बजे हितैष रोमानिया बार्डर तक जाने के लिए बस में सवार हुआ।
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रातभर बंकर में रहे, सोए भी नहीं, नहीं खाया खाना
-यूक्रेन में फंसे छात्र जब्बार ने अमर उजाला से बातचीत में सुनाई पीड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रातभर बंकर में रहे और सोए भी नहीं। रात से खाना नहीं खाया है। रात में शहर में बमबारी होती रही। सायरन बजते रहने से नींद नहीं आ सकी। यह बातें यूक्रेन के पोल्टावा शहर में फंसे एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष के छात्र जब्बार ने कहीं। सब्दलपुर रहरा के रहने वाले जब्बार ने उमर उजाला से बातचीत में दर्द बयां किया।
जब्बार ने बताया कि इस शहर में 250 भारतीय फंसे हुए हैं। पूरे शहर में रुस के सैनिक दिखाई दे रहे हेँ, जिन्होंने कब्जा कर लिया है। 18 घंटे से हम तीन छात्रों ने खाना नहीं खाया है।
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दाल खत्म हो गई, सिर्फ आटा बचा है, अब लग रहा डर
- कार्तिक
बिजनौर।
दाल खत्म हो गई है, सिर्फ आटा बचा है। कुछ प्याज है। इसी में काम चलाना पड़ेगा। बाहर जा नहीं सकते। हॉस्टल में भी सेना के जवान घुसे हुए हैं। जिन्हें देखकर सभी छात्रों ने दरवाजा बंद कर रखा है। रात में लाइट बंद कर दी थी, फोन साइलेंट मोड पर है। यह बात यूक्रेन के दनियरों शहर में फंसे कांर्तिक ने कही।
अमर उजाला से बातचीत में पैजनिया के रहने वाले कार्तिक त्यागी ने हालात बयां किए। कार्तिक एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। शनिवार की दोपहर तीन बजे बात करते हुए कार्तिक ने बताया कि अभी तक हॉस्टल में ठहरे थे। अब बंकर में जा रहे हैं। पूरी तरह से सभी लोग डरे हुए हैं। उनकी एक सहपाठी ने भारतीय दूतावास में फोन किया था, जहां कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। शहर के हालात ऐसे हैं कि बाहर निकल नहीं जा सकता। हॉस्टल की मैस बंद हो गई है। बाथरुम तक जाने के लिए भी सोचना पड़ रहा है।
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भयंकर लग रही बार बार बज रहे सायरन की आवाज
- यूक्रेन में फंसे शेरकोट के छात्रों ने परिवार वालों का सुनाई आपबीती
संवाद न्यूज एजेंसी
शेरकोट। यूक्रेन में शेरकोट का मोहम्मद शाकिब फंसा है। जिसके भाई मोहम्मद आकिब का कहना है कि उनकी शनिवार को 11 बजे शाकिब से फोन पर बात हुई। तो वह डरा सहमा सा है। शाकिब ने फोन पर बताया कि उनसे महज 500 मीटर की दूरी पर ही लगातार गोलाबारी हो रही है। उड़ेसा के हॉस्टल के बेसमेंट में सभी छात्र मौजूद हैं। मोहल्ला मनिहारान मौलाना अताउर रहमान का कहना है कि बेटे सनारउर रहमान से बात हुई। वह अभी ईवानो यूनिवर्सिटी के बाहर बने प्राइवेट रूम पर है। बताया कि वहां से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर गोलाबारी से कई ब्लास्ट हो चुके हैं। सभी डरे सहमे हैं। मोहम्मद आकिब जोकि यूक्रेन की यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है, उसके पिता मोहम्मद आसिफ ने फोन पर बात की। उडेसा में फंसे आकिब ने बताया कि उनसे महज पांच किलोमीटर दूरी पर बमबारी लगातार हो रही है।
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छात्रों के परिवार वालों से मिले
फोटो दस
शेरकोट। सपा जिला उपाध्यक्ष शेख कमरुल-नजीबुल हसन ने कार्यकर्ताओं के साथ यूक्रेन में फंसे युवकों के घर पहुंच कर उनके परिजनों से मुलाकात की। छात्रों का हालचाल जाना। कार्यकर्ताओं ने भरोसा दिया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। कहा क हम और आप सभी छात्रों की हिफाजत के लिए दुआ करें। परेशान ना हो। इस दौरान बरकत अब्बासी सभासद, आसिफ सभासद, भोले कुरैशी, प्यारे खां, इमरान नवाज रहे।
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के भी दो युवक फंसे है यूक्रेन में, परिजन चिंतित
फोटों नौ
धामपुुर। सहसपुर के भी दो छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। दोनों छात्र चार माह पहले ही एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। बताया गया कि यह दोनों यूक्रेन बार्डर से करीब 35 किमी दूर कालेज के हॉस्टल यूरेशिया में है। नींदडू निवासी डा. चंदन अहमद ने बताया कि सहसपुर निवासी उनका भांजा यासर पुत्र यासीन और सहसपुर निवासी अरमान पुत्र महबूब यूक्रेन में हैं। जिनके के परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने भारत सरकार से दोनों को यूक्रेन से निकाल कर सुरक्षित घर वापसी की मांग की है।
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