‘सर सैयद अहमद बिजनौर में बनाना चाहते थे मुस्लिम विवि’
बिजनौर। अलीगढ़ मुस्लिम विवि को बने 100 साल हो गए। एक दिसंबर 1920 को इसकी स्थापना हुई थी। बिजनौर के विद्वानों व इतिहास के जानकारों का कहना है कि एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खां बिजनौर में मुस्लिम विवि बनाना चाहते थे। उन्होंने काफी प्रयास भी किए लेकिन उस समय के लोगों के विरोध के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
सर सैयद अहमद खां 1857 में बिजनौर में सदर अमीन थे। उनकी तैनाती के समय ही 1857 का प्रसिद्ध विद्रोह हुआ। दो समुदायों के लोगों में दंगे भी उसी दौर में हुए। बाद में सर सैयद यहां से चले गए, लेकिन उनकी कोशिश यही थी कि विश्वविद्यालय बिजनौर में ही बने। बिजनौर के इतिहास के जानकार शकील बिजनौरी बताते हैं कि सर सैयद को अंग्रेजों का हितैषी बताकर कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। इस कारण विश्वविद्यालय अलीगढ़ में बनाना पड़ा। जिले के ही उर्दू-फारसी के विद्वान नजीर बिजनौरी बताते हैं कि जमीन भी चिह्नित कर ली गई थी, लेकिन लोग नहीं माने। बिजनौर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य आफताब अहमद, दिल्ली विवि में उर्दू के प्रवक्ता खालिद अलवी, अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े शमून कासमी कहते हैं कि अगर उस समय के लोगों ने सर सैयद का विरोध न किया होता, तो आज बिजनौर के हालात जुदा होते। लोगों को नौकरी मिलती, रोजगार बढ़ता, उच्च शिक्षा के कारण जिले का नाम पूरे देश में रौशन होता, मगर ऐसा नहीं हो सका।