बिजनौर। प्रधानी चुनाव के चौथे और अंतिम चरण में मतदान शांतिपूर्वक व निष्पक्ष कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी।
फर्जी मतदान करने की सोच रहे लोग मतदान केंद्रों के आसपास फटकने की हिम्मत तक नहीं जुटा सके। मतदान केंद्रों पर तय समय से एक घंटा पहले से ही मतदाताओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। प्रशासन की सख्ती के चलते लोगों ने बेखौफ होकर मतदान किया। अंतिम चरण में 77.01 प्रतिशत मतदान हुआ।
अंतिम चरण में ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल और हल्दौर में मतदान हुआ। सुबह से ही घना कोहरा व आकाश में बादल छाए थे। खराब मौसम भी मतदाताओं के जज्बे को नहीं डिगा सका।
पीठासीन अधिकारियों के अनुसार काजीवाली, बेगावाला, टिक्कोपुर, डीएवी इंटर कॉलेज समेत कई मतदान केंद्रों पर सुबह छह बजे के आसपास ही मतदाताओं ने लाइन लगानी शुरू कर दी थी।
दोपहर होते-होते मौसम खराब हो गया और कहीं-कहीं पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन वोट डालने के लिए लाइन में लगे मतदाता अपना वोट डालकर ही घरों को गए। हल्दौर ब्लॉक में 77.14 प्रतिशत और मोहम्मदपुर देवमल में 76.92 प्रतिशत मतदान हुआ।
मतदान कर्मियों के अनुसार महिलाओं में मतदान के प्रति अधिक उत्साह था। महिलाओं की लाइन आखिर तक लगी रही।
काजीवाला मतदान केंद्र पर शबाना, साजिदा, ताहिरा का कहना था कि वे पहली बार वोट डाल रही हैं। शबाना अपने मामा के पास दिल्ली में रहती है। वह चाहती है कि गांव में विकास हो, इसलिए वह वोट डालने आई है। प्रत्याशी और उनके समर्थकों का उत्साह देखते ही बनता था।
फर्जी मतदान को लेकर समर्थक भिड़े
हल्दौर। अम्हेड़ा मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ बैठे। पुलिस ने उन्हें बाहर निकाल दिया।
इसके बाद उन्होंने हंगामा किया। अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंची तथा लाठियां फटकार कर उन्हें भगाया। इसी गांव में प्रधान पद का प्रत्याशी मोहम्मद इरशाद अपने व अपने परिवार के नौ सदस्यों के साथ जब वोट डालने गए तो पीठासीन अधिकारी ने वोटर लिस्ट में नाम न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। इस पर इरशाद ने हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराकर ब्लॉक अधिकारियों को मौके पर बुलवाया। ब्लॉक मुख्यालय से संशोधन लिस्ट मंगवाई गई, जिसमे इरशाद व उसके परिवार के नाम थे। अधिकारियों ने अपने सामने उनके वोट डलवाए। गांव सुमालखेड़ी में फर्जी मतदान को लेकर प्रत्याशियों में नोकझोंक हुई।
पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इस बार मतदान केंद्रों पर पुलिस की भारी व्यवस्था रही। बिसाठ गांव में रिकॉर्ड 91 प्रतिशत, धर्मपुरा में 91.04 प्रतिशत तथा नवादा में 88 प्रतिशत मतदान हुआ। तीनों गांव अति संवेदनशील प्लस श्रेणी के हैं। प्रशासन नजर बनाए हुए था।