शूटरों ने तीसरी बार के प्रयास में अंजाम दी वारदात
बिजनौर। तीनों शूटर पहले भी शाहनवाज की पेशी पर आने के दौरान हत्या करना चाहते थे। दो बार इसकी कोशिश की गई, मगर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने की वजह से वारदात को अंजाम नहीं दे सके। पुलिस ने भी कोर्ट में लिखकर दिया था कि नागरिकता संशोधन कानून की वजह से हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस व्यस्त रहेगी। ऐसे में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही बदमाशों की पेशी करा ली जाए।
शाहनवाज की हत्या की दिल्ली पर पेशी से आने के दौरान सुमित, साहिल व अकराज ने पहले भी दो बार कोशिश की। दोनों बार शूटरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। शूटरों ने पुलिस को बताया कि दोनों बार वे कोर्ट परिसर तक भी पहुंच गए थे। पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने की वजह से गोलियां नहीं चला सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कोर्ट में लिखकर दिया था कि नागरिकता संशोधन कानून की वजह से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 17 से 23 दिसंबर तक पुलिस व्यस्त रहेगी। इसलिए वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाहर से आने वाले बदमाशों की पेशी करा ली जाए। मंगलवार को जब्बार व शाहनवाज को जब पेशी पर सीजेएम कोर्ट लाया गया तो वहां सुरक्षा व्यवस्था सुमित व साहिल व अकराज को कम मिली। तीनों इसका फायदा उठाकर सीजेएम कोर्ट के अंदर घुस गए और वारदात को अंजाम दे दिया। एसपी सिटी लक्ष्मीनिवास मिश्र के मुताबिक पकड़े गए पूर्व में दो बार की गई कोशिश में हत्यारोपी असफल रहे थे, क्योंकि सुरक्षा कड़ी थी।