नजीबाबाद में बुद्धं शरणं गच्छामि के उद्घोष के साथ बुद्ध पूर्णिमा श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई। गायत्री शक्तिपीठ और धम्म-ज्योति बुद्धग्राम नांदकार में बौध अनुयाइयों ने पंचशील सिद्घांत का अनुसरण करने और भगवान गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को व्यवहार में लाने का संकल्प लिया।
गायत्री शक्तिपीठ पर पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ के साथ बुद्ध पूर्णिमा का आयोजन किया गया। गायत्री साधकों ने रोली अक्षत से पूजन करते हुए गौतम बुद्ध को करुणावतार बताया। उन्होंने कहा कि बुद्ध ने दूसरों के दुखों को अपना दुख समझा। नायब तहसीलदार इंद्रदेव शर्मा, शांतिकुुंज प्रतिनिधि कंवर राणा ने गौतम बुद्ध के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। गायत्री शक्तिपीठ परिसर में विवेकानंद कक्ष निर्माण का पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में कैलाश चंद्र सिंघल, बालकिशन सिंघल, कमल शर्मा, जितेंद्र सिंह, राजभटनागर, बलवीर सिंह, मधुबाला गुप्ता, हर्ष माहेश्वरी, विभा माहेश्वरी, डॉ.दीपक कुमार शामिल थे।
उधर गांव नांदकार स्थित धम्म-ज्योति बुद्धग्राम में दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध वंदना से हुआ। भंते करुणाकर ने गौतम बुद्ध के पंचशील सिद्धांत को व्यवहार में लाने की सलाह दी। प्रमोद कुमार की अध्यक्षता और चंद्रपाल सिंह के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वैशाख की पूर्णिमा को बुद्ध जयंती मनाई जाती है। कार्यक्रम में राकेश मोहन भारती, कलावती बौद्ध, चंद्रपाल बौद्ध, प्रमोद बौद्ध, रामकुमार बौद्ध, देवेंद्र कुमार, शशीबाला बौद्ध, सुजाता बौद्ध, विमला, मुन्नी, सरिता, शिवानी बौद्ध, दिपिका बौद्ध, गजना बौद्ध, निर्देश बौद्ध, राजा बौद्ध, शामिल रहे।